99% भारतीय नहीं जानते AC चलाने का सही तरीका, जान गए तो बिजली बिल देख नहीं आएगा हार्ट अटैक

AC Tips: अगर आप कुछ आसान आदतें रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाएं, तो एसी न सिर्फ बेहतर तरीके से काम करेगा बल्कि बिजली का बिल भी ज्यादा नहीं आएगा. इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप एसी का पूरा लाभ उठा सकते हैं, वो भी बिना बिजली का खर्च बढ़ाए.

AC Tips: गर्मियां अपने चरम पर हैं. और इस भयंकर गर्मी में अगर कोई सबसे घरेलू उपकरण इस्तेमाल किया जाता है वो बेशक एयर कंडीशनर (AC) है. बीते कुछ वर्षों में जैसे-जैसे एसी तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और ऊर्जा कुशल होते गए, इनकी बिक्री में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है.

हालांकि एसी की बढ़ती लोकप्रियता ने लोगों में इसके बारे में जागरूकता जरूर बढ़ाई है, लेकिन अब भी कई ऐसे पहलू हैं जिनके बारे में लोग कम जानते हैं और संभव है कि आप भी एसी का इस्तेमाल करते वक्त कुछ बड़ी गलतियां कर रहे हों. इन्हीं छोटी-छोटी गलतियों की वजह से आपका बिजली बिल भी अपेक्षा से कहीं ज्यादा आता है. आइए जानते हैं वे ऐसी कौन सी गलतियां हैं जिसे आपको AC चलाने वक्त कतई नहीं करनी चाहिए.

AC के साथ जरूर पंखा चलाएं

अगर आप चाहते हैं कि कमरा जल्दी ठंडा हो, तो एसी के साथ-साथ सीलिंग फैन को धीमी या मध्यम गति पर चलाएं. जब एसी को मनचाहे तापमान पर सेट कर दें, तो पंखा चालू कर दें ताकि ठंडी हवा पूरे कमरे में बेहतर तरीके से फैल सके.

AC चलाते समय सही तापमान सेट करें

एयर कंडीशनर का तापमान सबसे कम करने से बेहतर ठंडक नहीं मिलती यह एक आम गलतफहमी है. ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के अनुसार, इंसानी शरीर के लिए 24 डिग्री सेल्सियस का तापमान सबसे उपयुक्त होता है. विशेषज्ञों का कहना है कि एयर कंडीशनर को इस तापमान तक पहुंचाने में कम ऊर्जा की खपत होती है, जबकि न्यूनतम तापमान पर सेट करने से मशीन पर ज्यादा दबाव पड़ता है और बिजली की खपत भी बढ़ जाती है. इसलिए बेहतर कूलिंग के लिए नहीं, बल्कि संतुलित तापमान और ऊर्जा बचत के लिए 24 डिग्री पर एसी चलाना ज्यादा फायदेमंद है.

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सर्विसिंग जरूर कराएं 

अधिकतर कंपनी जहां एयर कंडीशनर को बिना देखभाल के चलने वाला उपकरण बताते हैं, वहीं सच्चाई यह है कि भारत जैसे देश में AC की नियमित सर्विसिंग बेहद जरूरी है. यहां मौसम के हिसाब से AC का इस्तेमाल साल भर नहीं होता, जिससे लंबे समय तक बंद रहने पर उसमें धूल जम जाती है और उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है. ऐसे में नियमित रखरखाव से न केवल कूलिंग बेहतर होती है, बल्कि बिजली की खपत भी कम होती है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से फायदा होता है.

टाइमर का इस्तेमाल करें

गर्मी में एसी राहत जरूर देता है, लेकिन लगातार चलाने से बिजली का बिल भी बढ़ता है. ऐसे में सबसे बढ़िया तरीका है एसी के टाइमर फंक्शन का इस्तेमाल करना. सोने से पहले टाइमर सेट कर दें, ताकि 1 या 2 घंटे बाद एसी अपने आप बंद हो जाए. इससे न सिर्फ कमरे का तापमान आरामदायक रहेगा, बल्कि पूरी रात एसी चलाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी और आप चैन की नींद ले सकेंगे.

दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें 

कमरे को अगर जल्दी ठंडा करना चाहते हैं तो कमरे की खिड़कियां और दरवाजे हमेशा बंद रखें. अगर ठंडी हवा बाहर निकलती है तो एसी को तय तापमान तक पहुंचने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है. ऐसे में दरवाजों पर डोर क्लोजर लगवाना एक बढ़िया ऑप्शन हो सकता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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