चिलचिलाती गर्मी में एसी की आउटडोर यूनिट हो न जाए ब्लास्ट, जानें इसे सेफ रखने के तरीके

AC Outdoor Unit Safety Tips: भीषण गर्मी में AC की आउटडोर यूनिट पर एक्स्ट्रा लोड पड़ता है. इससे आग लगने या खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. कुछ आसान मेंटेनेंस टिप्स, सही वेंटिलेशन और धूप से बचाव जैसे उपाय अपनाकर आप अपने AC की आउटडोर यूनिट को सेफ रख सकते हैं.

गर्मियों का मौसम अपने चरम पर है. घरों-ऑफिसों में एसी लगातार फुल स्पीड पर चल रहे हैं. लेकिन इसी के साथ आग लगने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ती नजर आ रही हैं. 29 अप्रैल को इंदिरापुरम की एक हाई-राइज रिहायशी बिल्डिंग में भीषण आग लग गई थी. इससे पहले गुरुग्राम के सेक्टर 63A में भी दो लग्जरी फ्लैट आग की चपेट में आ गए थे. 

टेम्परेचर बढ़ने के साथ बिजली की खपत भी बढ़ जाती है, जिससे शॉर्ट सर्किट और ओवरलोडिंग का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि गर्मियों में ऐसी ब्लास्ट की घटनाएं ज्यादा देखने को मिलती हैं. ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर आप अपने घर और परिवार को सेफ रख सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे.

प्रोफेशनल मिस्टिंग सिस्टम लगवाएं

अगर आप अपने AC की आउटडोर यूनिट को ज्यादा ठंडा और कम शोर वाला बनाना चाहते हैं, तो एक प्रोफेशनल मिस्टिंग सिस्टम लगवाएं. इसमें आउटडोर यूनिट के आसपास छोटे-छोटे नोजल लगाए जाते हैं, जो हवा में पानी की बेहद महीन फुहार छोड़ते हैं. यह फुहार तुरंत भाप बनकर आसपास की हवा को करीब 10 डिग्री तक ठंडा कर देती है. इससे कंप्रेसर को कम मेहनत करनी पड़ती है, उस पर दबाव घटता है और उसकी आवाज भी काफी हद तक कम हो जाती है.

हीट रिफ्लेक्टिव शील्ड लगाएं

अक्सर लोग अपने एसी के आउटडोर यूनिट को खुले में ही छोड़ देते हैं. लेकिन एक छोटी-सी ट्रिक इसकी परफॉर्मेंस में बड़ा फर्क ला सकती है. अगर आप आउटडोर यूनिट के ऊपर कुछ इंच की दूरी पर हीट-रिफ्लेक्टिव कवर या सिल्वर-कोटेड छाता लगा दें, तो यह सीधे पड़ने वाली धूप को रिफ्लेक्ट कर देता है. इससे यूनिट का मेटल बॉडी जरूरत से ज्यादा गर्म नहीं होता और वह भट्टी की तरह तपने से बच जाता है.

आउटडोर यूनिट के आसपास दो फीट की सांस लेने वाला एरिया बनाएं

अक्सर हम AC के आसपास की जगह को स्टोररूम समझ लेते हैं. कभी पुराने डिब्बे रख दिए, तो कभी पौधे इतने बढ़ गए कि यूनिट ही छिप जाए. लेकिन आपका AC भी खुली हवा में सांस लेना चाहता है. इसलिए उसके चारों ओर कम से कम 2 फीट की खाली जगह जरूर होनी चाहिए. ऐसा करने से आपका AC ज्यादा शांत, बेहतर और बिना एक्स्ट्रा लोड के काम करता है.

हल्के पानी से साफ करें

जिस तरह कार का रेडिएटर इंजन की गर्मी बाहर निकालता है, ठीक उसी तरह आपके AC की बाहरी यूनिट पर लगी मेटल फिन्स भी गर्मी बाहर निकालने का काम करती हैं. लेकिन अगर इन पर धूल और गंदगी की मोटी परत जम जाए, तो ये ठीक से काम नहीं कर पातीं. इसलिए महीने में एक बार गार्डन होज से आउटडोर यूनिट को ऊपर से नीचे तक हल्के पानी से साफ करना चाहिए. इससे जमी हुई गंदगी हट जाती है और मेटल फिन्स खुलकर सांस ले पाती हैं.

आउटडोर यूनिट के नीचे की जमीन को बराबर रखें

कई बार समय के साथ AC की आउटडोर यूनिट जिस स्टैंड या जमीन पर रखी होती है, वह थोड़ा टेढ़ा हो जाता है. ऐसा होने से यूनिट हल्की-सी झुक जाती है, और यहीं से तेज वाइब्रेशन और शोर की समस्या शुरू होती है. जब AC लेवल में नहीं होता, तो कंप्रेसर के अंदर मौजूद ऑयल सही तरीके से सर्कुलेट नहीं कर पाता. साथ ही, फैन भी जोर-जोर से वाइब्रेट करने लगता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

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