मोदी सरकार ऑनलाइन कोर्सेज को कॉलेज डिग्री की तरह मानने की दिशा में कदम उठाने जा रही है. खबर है कि उच्च शिक्षा से जुड़े सर्वोच्च रेग्युलेटर यूजीसी ऑनलाइन कोर्सेस में हासिल अंकों को डिग्री के टोटल अंकों में जोड़ने और इसके लिए क्रेडिट ट्रांसफर करने पर सहमत हो गया है.
इससे न सिर्फ ऑनलाइन कोर्सेस का मुख्यधारा में आना मुमकिन हो सकेगा, बल्कि इंडियन हायर एजुकेशन सिस्टम में ऐसे कोर्स की स्वीकार्यता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी. इससे देशभर के छात्रों को वैसे कोर्स भी करने का मौका मिल सकेगा, जो शायद उनके संस्थान में न हो और इसके लिए उन्हें क्रेडिट भी मिलेगा. इसके लिए शर्त यह है कि ऑनलाइन कोर्सेस सरकार के समर्थन वाले ओपन ऑनलाइन कोर्स प्लेटफॉर्म ‘स्वयं’ से जुड़े होने चाहिए. इसके तहत 400 से भी ज्यादा कोर्स ऑफर किये जाते हैं.
दूसरी शर्त यह है कि ‘स्वयं’ कोर्सेस के जरिये टोटल स्कोर का 20 फीसदी से ज्यादा हासिल नहीं किया जा सकता. लिहाजा, कोई संस्थान ऑनलाइन लर्निंग कोर्सेज के जरिये टोटल कोर्स के 20 फीसदी हिस्से की इजाजत दे सकता है, बशर्ते यह ‘स्वयं’ प्लेटफॉर्म से जुड़ा हो.
