क्या साइड-बाय-साइड फ्रिज आपके घर के लिए सही है? खरीदने से पहले जान लें ये 3 सवालों का जवाब

साइड-बाय-साइड फ्रिज दिखने में स्टाइलिश और प्रीमियम तो लगते हैं, लेकिन क्या ये आपके किचन और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सही हैं? आइए इन्हीं सवालों को जवाब जनने की कोशिश करते हैं.

साइड-बाय-साइड फ्रिज हमेशा से लोगों का ध्यान खींचते रहे हैं. उनकी लंबी डबल डोर डिजाइन और स्टाइलिश लुक किचन को तुरंत प्रीमियम फील दे देता है. लेकिन सिर्फ दिखने में अच्छे होना ही काफी नहीं है. असली सवाल ये है कि क्या ये भारतीय घरों के लिए सच में काम के होते हैं? हमारे यहां किचन अक्सर छोटे होते हैं, खाना बनाने में बड़े-बड़े बर्तन इस्तेमाल होते हैं और लोग एक साथ ज्यादा राशन स्टोर करके रखते हैं. आइए आज जानने की कोशिश करते हैं कि क्या साइड-बाय-साइड फ्रिज इंडियन किचन और रोजमर्रा की जररतों के हिसाब से सही ऑप्शन हैं या सिर्फ दिखावे के लिए अच्छे लगते हैं.

क्या साइड-बाय-साइड फ्रिज इंडियन किचन के लिए सही ऑप्शन है?

अगर आप साइड-बाय-साइड फ्रिज लेने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी किचन की जगह जरूर देख लें. ऐसे फ्रिज की चौड़ाई सिंगल या डबल डोर फ्रिज से ज्यादा होती है. अगर आपका किचन थोड़ा छोटा है तो ये दिक्कत दे सकती है. इसलिए फ्रिज रखने की जगह, दरवाजा खुलने की स्पेस और हवा आने-जाने की जगह ठीक से नाप लें. अगर किचन में दोनों दरवाजे आराम से खुल सकते हैं, तो यह बढ़िया ऑप्शन रहेगा.

क्या साइड-बाय-साइड फ्रिज में बड़े बर्तन रखा जा सकता है?

ये बात अक्सर लोगों के दिमाग में आती है क्योंकि भारतीय खाना बनाने में बड़े बर्तन और चौड़े डिब्बे इस्तेमाल होते हैं. साइड-बाय-साइड फ्रिज में ऊंचाई में तो काफी जगह मिल जाती है, लेकिन शेल्फ थोड़े तंग होते हैं. रोजमर्रा के सामान को रखने में तो फ्रिज बढ़िया है. लेकिन बड़ी कड़ाही, प्रेशर कुकर या बड़े कंटेनर रखने के लिए शेल्फ को एडजस्ट करना पड़ सकता है.

क्या साइड-बाय-साइड फ्रिज ज्यादा बिजली खपत करते हैं?

साइड-बाय-साइड फ्रिज थोड़े बड़े होते हैं और इनमें नए-नए फीचर्स भी मिलते हैं. इसलिए ये थोड़ी ज्यादा बिजली खा सकते हैं. लेकिन अगर ये इन्वर्टर कम्प्रेसर वाले हों या हाई स्टार रेटिंग वाले हों, तो बिजली की खपत काबू में रहती है. असली फर्क तो आपके यूज और फ्रिज खोलने-बंद करने की आदतों पर पड़ता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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