साइड-बाय-साइड फ्रिज हमेशा से लोगों का ध्यान खींचते रहे हैं. उनकी लंबी डबल डोर डिजाइन और स्टाइलिश लुक किचन को तुरंत प्रीमियम फील दे देता है. लेकिन सिर्फ दिखने में अच्छे होना ही काफी नहीं है. असली सवाल ये है कि क्या ये भारतीय घरों के लिए सच में काम के होते हैं? हमारे यहां किचन अक्सर छोटे होते हैं, खाना बनाने में बड़े-बड़े बर्तन इस्तेमाल होते हैं और लोग एक साथ ज्यादा राशन स्टोर करके रखते हैं. आइए आज जानने की कोशिश करते हैं कि क्या साइड-बाय-साइड फ्रिज इंडियन किचन और रोजमर्रा की जररतों के हिसाब से सही ऑप्शन हैं या सिर्फ दिखावे के लिए अच्छे लगते हैं.
क्या साइड-बाय-साइड फ्रिज इंडियन किचन के लिए सही ऑप्शन है?
अगर आप साइड-बाय-साइड फ्रिज लेने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी किचन की जगह जरूर देख लें. ऐसे फ्रिज की चौड़ाई सिंगल या डबल डोर फ्रिज से ज्यादा होती है. अगर आपका किचन थोड़ा छोटा है तो ये दिक्कत दे सकती है. इसलिए फ्रिज रखने की जगह, दरवाजा खुलने की स्पेस और हवा आने-जाने की जगह ठीक से नाप लें. अगर किचन में दोनों दरवाजे आराम से खुल सकते हैं, तो यह बढ़िया ऑप्शन रहेगा.
क्या साइड-बाय-साइड फ्रिज में बड़े बर्तन रखा जा सकता है?
ये बात अक्सर लोगों के दिमाग में आती है क्योंकि भारतीय खाना बनाने में बड़े बर्तन और चौड़े डिब्बे इस्तेमाल होते हैं. साइड-बाय-साइड फ्रिज में ऊंचाई में तो काफी जगह मिल जाती है, लेकिन शेल्फ थोड़े तंग होते हैं. रोजमर्रा के सामान को रखने में तो फ्रिज बढ़िया है. लेकिन बड़ी कड़ाही, प्रेशर कुकर या बड़े कंटेनर रखने के लिए शेल्फ को एडजस्ट करना पड़ सकता है.
क्या साइड-बाय-साइड फ्रिज ज्यादा बिजली खपत करते हैं?
साइड-बाय-साइड फ्रिज थोड़े बड़े होते हैं और इनमें नए-नए फीचर्स भी मिलते हैं. इसलिए ये थोड़ी ज्यादा बिजली खा सकते हैं. लेकिन अगर ये इन्वर्टर कम्प्रेसर वाले हों या हाई स्टार रेटिंग वाले हों, तो बिजली की खपत काबू में रहती है. असली फर्क तो आपके यूज और फ्रिज खोलने-बंद करने की आदतों पर पड़ता है.
प्रभात खबर पर पहली बार अनुभव सिन्हा बेबाक पीएम मोदी से राष्ट्रवाद तक सब पर खुलकर बोले. फुल पॉडकास्ट जल्द
यह भी पढ़ें: क्या आपको पता है फ्रिज को डिफ्रॉस्ट करने का सही तरीका? जान लें वरना एक गलती करवा देगी हजारों का नुकसान
