AI आने से 10 साल पहले 'Stop ChatGPT' का पोस्ट वायरल! वायरल पोस्ट के पीछे टाइम मशीन है या भाषा का खेल?

साल 2012 का एक एक्स पोस्ट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 'चैटजीपीटी' बंद करने की बात कही गई थी. जानिए कैसे करीब 14 साल पुरानी इस पोस्ट के पीछे छिपा है एक दिलचस्प सच.

इंटरनेट और सोशल मीडिया की दुनिया में हर दिन ऐसी घटनाएं होती हैं जो सबको हैरान कर देती हैं. हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X, पूर्व में ट्विटर) पर एक ऐसा ही पुराना पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने टाइम ट्रैवल (समय यात्रा) और भविष्यवाणियों से जुड़ी नई बहस छेड़ दी है. दरअसल, यह सोशल मीडिया पोस्ट साल 2012 का है, जिसमें साफ शब्दों में 'चैट जीपीटी का इस्तेमाल बंद करो' (Stop chat gpt) लिखा हुआ है. अब हैरान करने वाली बात यह है कि ओपनएआई (OpenAI) ने अपने मशहूर एआई टूल 'चैटजीपीटी' (ChatGPT) को 30 नवंबर 2022 को लॉन्च किया था. ऐसे में एआई टूल के अस्तित्व में आने से ठीक दस साल पहले 5 अक्टूबर 2012 को किए गए इस पोस्ट ने यूजर्स को चकरघिन्नी में डाल दिया है.

2012 में लिखा गया 'Stop ChatGPT'

टाइम ट्रैवल का दावा? सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग

इस अजीबोगरीब पोस्ट के सामने आते ही इंटरनेट पर यूजर्स तरह-तरह के कयास लगाने लगे. 'Meytrullers17' नाम के अकाउंट से किया गया यह पोस्ट, जिसे एक ऐसे यूजर ने किया था जिसने 2013 के बाद से कोई और पोस्ट नहीं किया, अब तक हजारों लोग देख चुके हैं. इसे देखते ही कई यूजर्स ने दावा किया कि यह किसी टाइम ट्रैवलर (समय यात्री) की करतूत है, जो भविष्य से आकर मानवता को एआई के खतरों से आगाह करने आया था. कई लोग इस बात से भी चकित हैं कि इस पोस्ट के बाद संबंधित यूजर ने साल 2013 से सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करना बंद कर दिया. इस बात ने साजिश की आशंकाओं (Conspiracy Theories) को और ज्यादा हवा दी है.

असली वजह: इंडोनेशियाई भाषा का शॉर्टफॉर्म

जहां एक तरफ रहस्यमयी दावों का बाजार गर्म है, वहीं कुछ सतर्क सोशल मीडिया यूजर्स ने इस रहस्य के पीछे का असली और तार्किक सच भी सामने रखा है. एक यूजर ने पोस्ट का विश्लेषण करते हुए बताया कि यह किसी एआई टूल का नाम नहीं, बल्कि इंडोनेशियाई भाषा का एक संक्षेप (Abbreviation) है. इंडोनेशिया में बोलचाल की भाषा में वाक्यों को छोटा करके लिखने का चलन है. वहां 'gpt' का अर्थ 'Ga Penting' होता है, जिसका हिंदी में मतलब 'बेकार या बिना मतलब की बात' होता है. इस हिसाब से साल 2012 में उस यूजर का कहने का आशय केवल इतना था कि 'मुझे बेकार या बिना मतलब की बातें मैसेज करना बंद करो' (Stop chat ga penting).

सोशल मीडिया यूजर्स के रिएक्शन और टाइम मशीन पर मजेदार मीम्स

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है. जहां कुछ लोग हंसी-मजाक वाले मीम्स शेयर कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग अभी भी इसे एक अनसुलझा इत्तेफाक मान रहे हैं. एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा, "शायद टाइम मशीन फिर से एक्टिव हो गई है," तो वहीं दूसरे ने सवाल उठाया, "क्या चैटजीपीटी ने ही 2013 के बाद इस यूजर को गायब कर दिया?" हालांकि भाषा और व्याकरण की सच्चाई सामने आने के बाद भी लोग इस 10 साल पुराने इत्तेफाक का जमकर आनंद ले रहे हैं और इसे वायरल पोस्ट्स की सूची में सबसे ऊपर रख रहे हैं.

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1. चैटजीपीटी (ChatGPT) के बारे में 2012 का वायरल पोस्ट वास्तव में क्या था?

यह साल 2012 का एक एक्स (ट्विटर) पोस्ट था जिसमें "Stop chat gpt" लिखा था. हालांकि यह एआई टूल चैटजीपीटी के बारे में नहीं था, बल्कि इंडोनेशियाई भाषा का एक संक्षिप्त रूप था जिसका अर्थ "बेकार की बातें मैसेज मत करो" होता है.

2. चैटजीपीटी (ChatGPT) को आधिकारिक तौर पर कब लॉन्च किया गया था?

ओपनएआई (OpenAI) ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट ChatGPT को आधिकारिक रूप से 30 नवंबर 2022 को लॉन्च किया था.

3. इंडोनेशियाई भाषा में 'gpt' का क्या अर्थ होता है?

इंडोनेशियाई बोलचाल की भाषा में 'gpt' का अर्थ 'Ga Penting' होता है, जिसका शाब्दिक अनुवाद 'व्यर्थ', 'बेकार' या 'बिना मतलब की बात' (Pointless or Useless) होता है.

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By राजीव कुमार

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