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Corona Vaccination: ड्रोन से कोरोना का टीका पहुंचाएगी सरकार, ऐसी है तैयारी

देश में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाने के लिए सरकार हरसंभव तरीके से पहुंच बना रही है. इस कोशिश में अब ड्राेन की भी मदद लेने की तैयारियां चल रही हैं. जी हां, सरकार ने अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए देश के चुनिंदा स्थानों के सुदूरवर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में कोविड-19 रोधी टीके और दवाओं के वितरण के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने के लिए निविदा आमंत्रित की है.

By Prabhat khabar Digital
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Covid Vaccine Drone Delivery
Covid Vaccine Drone Delivery
symbolic pic (fb)

Covid Vaccine Drone: देश में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाने के लिए सरकार हरसंभव तरीके से पहुंच बना रही है. इस कोशिश में अब ड्राेन की भी मदद लेने की तैयारियां चल रही हैं. जी हां, सरकार ने अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए देश के चुनिंदा स्थानों के सुदूरवर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में कोविड-19 रोधी टीके और दवाओं के वितरण के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने के लिए निविदा आमंत्रित की है.

निविदा दस्तावेज के अनुसार, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के साथ मिलकर सफलतापूर्वक व्यवहारिकता अध्ययन किया और मानवरहित विमानों (UAV) का इस्तेमाल कर टीकों के वितरण के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया विकसित की है.

वहीं, इसके लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की ओर से एचएलएल इन्फ्रा टेक सर्विसेज लिमिटेड (HLL Infra Tech Services Limited) ने इस संबंध में अनमैन्ड एरियल व्हीकल या ड्रोन के जरिये वैक्सीन पहुंचाने के लिए निविदाएं भी आमंत्रित की हैं. इस मामले में 22 जून तक बिड सब्मिट करना है.

ICMR की शर्त के अनुसार, इस योजना के लिए काम करने वाले ड्रोन की उड़ान क्षमता 35 किमी होनी चाहिए. साथ ही वे 100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ने के लिए भी सक्षम हों. केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के मुताबिक, ड्रोन में 4 किलो बोझ लेकर उड़ने की क्षमता होनी चाहिए. इसके अलावा ड्रोन ऐसा होना चाहिए, जो लगातार अपने कमांड सेंटर से जुड़ा हो और जिसकी लगातार निगरानी की जा सके.

इसके साथ ही, ड्रोन को सामान की आपूर्ति करके अपने कंट्रोल सेंटर में लौटने में भी सक्षम होना चाहिए. ड्रोन की टेक ऑफ और लैंडिंग DGCA की गाइडलाइंस के मुताबिक होगी. इस योजना में पैराशूट आधारित डिलीवरी को वरीयता नहीं दी जाएगी. वैक्सीन को सफलता पूर्वक जमीन पर लैंड करने पर फोकस होगा.

बताते चलें कि केंद्र सरकार की तरफ देश में सभी वैक्सीनों की खरीद करने वाली सरकारी कंपनी HLL लाइफ केयर (HLL Lifecare) की सब्सिडिरी कंपनी HLL Infra Tech Services Limited ने देश के दुर्गम इलाकों में ड्रोन के जरिये वैक्सीन की सप्लाई के लिए इच्छुक कंपनियों से EOI (Expression of Interest) मंगाया है. अब तक तेलंगाना ही देश का ऐसा राज्य है, जो ड्रोन के जरिये वैक्सीन सप्लाई की योजना पर काम कर रहा है.

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