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नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी से ममता बनर्जी की हार के बाद तृणमूल में आक्रोश, रोड जाम

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
पूर्वी मेदिनीपुर में जगह-जगह प्रदर्शन कर रही तृणमूल कांग्रेस
पूर्वी मेदिनीपुर में जगह-जगह प्रदर्शन कर रही तृणमूल कांग्रेस
Prabhat Khabar

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज करने वाली सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से हार गयीं. तृणमूल कांग्रेस ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा मतों की गिनती करने की मांग पर जगह-जगह आंदोलन शुरू कर दिया है.

पूर्वी मेदिनीपुर जिला के भूतामोड़, हाजराकाटा, केंदेमारी, टैंगुवा बस स्टैंड समेत कई जगहों पर री-काउंटिंग की मांग करते हुए सड़क जाम कर दी. इन जगहों पर सुबह से ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. हल्दिया के मंजूश्री मोड़ पर भी तृणमूल समर्थकों ने जाम लगा दिया और नंदीग्राम विधानसभा सीट पर फिर से मतगणना कराने की मांग की.

रविवार को निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने जो घोषणा की थी, उसमें बताया गया था कि नंदीग्राम में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी को 1,09,973 वोट मिले हैं, जबकि ममता बनर्जी को 1,07,937 वोट मिले. इस तरह वोटों का अंतर देखें, तो ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने 2,036 वोटों के अंतर से हरा दिया.

हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी 1,956 मतों से विजयी हुए हैं. इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी को 1,10,764 मत मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी ममता बनर्जी के पक्ष में 1,08,808 मत पड़े.

मीनाक्षी मुखर्जी तीसरे स्थान पर रहीं

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, 6,227 मतों के साथ माकपा की मीनाक्षी मुखर्जी तीसरे स्थान पर रहीं. हालांकि, आधिकारिक नतीजे आने से पहले घंटों तक भ्रम की स्थिति रही, क्योंकि मीडिया के एक धड़े में शुभेंदु अधिकारी पर ममता बनर्जी की जीत की खबर चलने लगी थी.

तृणमूल कांग्रेस ने इसके मद्देनजर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर दोबारा मतदान कराने की मांग की. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल ने आरोप लगाया कि इवीएम में छेड़छाड़ की गयी है और उनकी संख्या में विसंगति है. मतदान प्रक्रिया भी बार-बार रोकी गयी और उसकी जानकारी चुनाव अधिकारियों ने नहीं दी.

ममता की पार्टी ने निर्वाचन अधिकारियों पर लगाये आरोप

पार्टी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के पक्ष में पड़े वैध मतों को खारिज कर दिया गया, जबकि भाजपा के पक्ष में अमान्य मतों को भी गिना गया. तृणमूल ने दोबारा मतों की गिनती करने से पीठासीन अधिकारी के इनकार को ‘कानून के लिए खराब’ करार दिया. इस बीच, अधिकारी ने ट्वीट कर उनके पक्ष में मतदान करने और उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया.

Posted By : Mithilesh Jha

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Published Date

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