पार्टी के उत्थान के लिए पूर्व मेदिनीपुर के मॉडल को अपनाना चाहती है भाजपा

राज्य के पूर्व मेदिनीपुर जिले में 2016 के विधानसभा चुनाव से लेकर 2024 के लोकसभा चुनाव तक भाजपा के प्रदर्शन का सांख्यिकीय विश्लेषण बताता है कि कांथी और तमलुक संसदीय क्षेत्र पार्टी की भावी चुनावी रणनीतियों के लिए मानक हो सकते हैं.

कोलकाता.

राज्य के पूर्व मेदिनीपुर जिले में 2016 के विधानसभा चुनाव से लेकर 2024 के लोकसभा चुनाव तक भाजपा के प्रदर्शन का सांख्यिकीय विश्लेषण बताता है कि कांथी और तमलुक संसदीय क्षेत्र पार्टी की भावी चुनावी रणनीतियों के लिए मानक हो सकते हैं. लोकसभा चुनाव परिणामों का विधानसभा क्षेत्र के आधार पर विश्लेषण करने से पता चलता है कि पूर्व मेदिनीपुर के 14 विधानसभा क्षेत्रों में और कांथी व तमलुक के अंतर्गत 14 विधानसभा क्षेत्रों में से भाजपा उम्मीदवार 13 पर आगे थे. कांथी लोकसभा के अंतर्गत पटाशपुर एकमात्र अपवाद था, जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस आगे थी. 14 में से 13 विधानसभा क्षेत्रों में मिली बढ़त के चलते भाजपा ने कांथी और तमलुक की सीट तृणमूल कांग्रेस से छीन ली. 2019 के चुनाव में यहां से तृणमूल के उम्मीदवार विजयी हुए थे. उस समय भाजपा ने राज्य की 42 में से 18 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. लेकिन 2019 में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस के साथ थे.

पूर्व मेदिनीपुर जिले के मूल निवासी अधिकारी उस समय राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य थे. अगर 2016 के विधानसभा चुनावों से तुलना की जाये, तो यह स्पष्ट हो जायेगा कि भाजपा ने कैसे पिछले कुछ वर्षों में पूर्व मेदिनीपुर जिले में अपने संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत किया है. 2016 में, भाजपा उम्मीदवारों को न केवल जिले के सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा था, बल्कि वे सभी में तीसरे स्थान पर थे. तृणमूल कांग्रेस की जीत का सिलसिला 2019 के लोकसभा चुनावों में भी जारी रहा. इसमें सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवारों ने कांथी और तमलुक, दोनों सीटों पर जीत हासिल की. इसके बाद 2020 में, अधिकारी भाजपा में शामिल हो गये. भाजपा में उनके शामिल होने से पूर्व मेदिनीपुर जिले में भगवा पार्टी का संगठनात्मक नेटवर्क मजबूत हुआ. 2021 के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने पहली बार पूर्व मेदिनीपुर में सफलता का स्वाद चखा. पार्टी ने वहां की 14 में से आठ सीटों पर जीत हासिल की, जबकि शेष छह सीटें तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में गयीं. जिन छह सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी हुए, वहां भाजपा उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे और कांग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन तीसरे स्थान पर रहा. शुभेंदु अधिकारी खुद तमलुक लोकसभा के अंतर्गत नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया. 2024 में, भाजपा ने पूर्व मेदिनीपुर में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ चुनावी प्रदर्शन किया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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