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VIDEO: कोलकाता का एसएन बनर्जी रोड रणक्षेत्र बना, लेफ्ट के नबान्न अभियान पर चटकी लाठियां, आंसू गैस के गोले, विधायक समेत 10 हिरासत में

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
 नबान्न जा रहे छात्रों पर टूटा पुलिस का कहर.
नबान्न जा रहे छात्रों पर टूटा पुलिस का कहर.
Prabhat Khabar

कोलकाता (नवीन कुमार राय) : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी ताकत का एहसास कराने से पहले वामदलों ने अपने छात्र संगठनों को जीवंत आंदोलन के लिए तैयार कर लिया है. गुरुवार (11 फरवरी) को वामपंथी छात्रों के आह्वान पर राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ का घेराव करने जा रहे छात्रों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, तो एसएन बनर्जी रोड रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. छात्रों को रोकने के लिए पुलिस को आंदोलन में शामिल युवाओं पर आंसू गैस के गोले दागने पड़े. पानी की बौछार करनी पड़ी. इसमें कई लोग घायल हो गये.

वामदलों के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ छात्र संगठन के हजारों युवा कॉलेज स्क्वायर पर जमा हुए थे. फलस्वरूप कोलकाता की कई सड़कों पर लंबा जाम लग गया. ऑफिस जाने वाले लोगों को ट्रैफिक की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था. आंदोलनकारियों पर नजर रखने के लिए 2 ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया जा रहा था. 4 वाटर कैनन की गाड़ियों को तैनात कर दिया गया था.

आंदोलनकारी छात्रों का हुजूम जैसे ही एसएन बनर्जी रोड के पास पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका. आंदोलनरत छात्र आगे बढ़ने पर अड़ गये और पुलिस ने वहां वाटर कैनन के साथ-साथ आंसू गैस के गोले भी दाग दिये. इसमें काफी संख्या में छात्र-छात्राएं घायल हो गयीं.

उधर, सुबह में भी कांग्रेस एवं लेफ्ट ने मिलकर नबान्न में प्रवेश करने का प्रयास किया. पुलिस ने रोका, तो वहां भी काफी देर तक हंगामा हुआ. पुलिस की तमाम सुरक्षा को धता बताकर कुछ लोग नबान्न में प्रवेश करने में सफल हो गये. पुलिस ने यहां एक विधायक समेत कम से कम 10 लोगों को हिरासत में ले लिया.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि 28 फरवरी को वामदल और कांग्रेस की संयुक्त रैली से पहले यह एक तरह से शक्ति प्रदर्शन ही था. बताया जा रहा है कि वामदलों के छात्र संगठनों एवं कांग्रेस के छात्र परिषद का यह संयुक्त अभियान काफी सफल रहा.

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संपन्न कराये जाने की संभावना है. राज्य में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की टक्कर मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी से होती दिख रही है. इस बीच, कांग्रेस और वामदलों ने गठबंधन के तहत अपनी शक्ति का एहसास कराकर यह जताने की कोशिश की है कि वामदल और कांग्रेस अभी बंगाल में अप्रासंगिक नहीं हुए हैं.

Posted By : Mithilesh Jha

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