1. home Home
  2. state
  3. west bengal
  4. singer turned politician of bengal babul supriyo indicates to quit politics read facebook post mtj

राजनीति से संन्यास ले लेंगे सिंगर से लीडर बने पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो!

Babul Supriyo News|West Bengal News|Babul Supriyo Resignation|पीएम मोदी की कैबिनेट से बाहर किये जाने के बाद बाबुल सुप्रियो ने अपने मन की बात फेसबुक पर ही बतायी थी.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो
बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो
File Photo

कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की कैबिनेट में दो-दो बार मंत्री रह चुके बॉलीवुड के लोकप्रिय सिंगर बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) राजनीति छोड़ने के बारे में गंभीरता से विचार कर रहे हैं. हिंदी फिल्मों में कर्णप्रिय गीतों से दर्शकों के दिल में उतर जाने वाले बाबुल (Singer Turned Politician Babul Supriyo) ने कहा है कि कुछ लोगों ने उन्हें राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी है. अब ‌वह इस पर विचार कर रहे हैं.

पीएम मोदी की कैबिनेट से बाहर किये जाने के बाद बाबुल सुप्रियो ने अपने मन की बात फेसबुक पर ही बतायी थी. उन्हें जिस तरह से मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए कहा गया था, उससे उनकी भावनाएं आहत हुईं थीं और उन्होंने इसके बारे में फेसबुक पर लिखा था. बाबुल ने बंगाल से केंद्र में मंत्री बनाये गये सांसदों को शुभकामनाएं भी दी थी. अब करीब एक पखवाड़ा बाद उनका नया पोस्ट आया है.

गुरुवार को अपने फेसबुक पोस्ट में आसनसोल से लगातार दो बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर लोकसभा के लिए चुने जाने वाले सिंगर बाबुल सुप्रियो ने लिखा- पहले ही बता दे रहा हूं कि यह कोई राजनीतिक पोस्ट नहीं है. मुझे लिखना अच्छा लगता है. और आपलोग ही आज मुझे यानी गायक बाबुल को यह लिखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे लिखा है कि पिछले कुछ दिनों से बेहद आनंदित महसूस कर रहा हूं. मैं देख रहा हूं कि मैं अपने गीत से संबंधित कोई भी पोस्ट करता हूं, तो आप सबका उसे भरपूर प्यार मिलता है. आपलोग मुक्तकंठ से उसकी प्रशंसा करते हैं. कुछ गिने-चुने निगेटिव कमेंट को छोड़ दें, तो बाकी सभी लोगों ने अच्छी बातें ही लिखी हैं. बिग थैंक यू.

छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं बाबुल सुप्रियो

छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़े रहे बाबुल सुप्रियो आसनसोल के लोकप्रिय नेता हैं और ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की तमाम कोशिशों के बावजूद वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने जीत दर्ज की. बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 से पहले आसनसोल नगर निगम के प्रशासक जितेंद्र तिवारी को भाजपा में शामिल किये जाने का विरोध करके वह पार्टी नेताओं के निशाने पर आ गये थे.

बाद में शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें विधानसभा चुनाव में दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज विधानसभा से उम्मीदवार बनाया. हालांकि, वह तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार से बड़े अंतर से पराजित हो गये. इसके बाद केंद्रीय मंत्री के रूप में आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने की वजह से उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया. केंद्रीय मंत्री के पद से हटाये जाने के बाद से ही बाबुल सुप्रियो अनमने तरीके से राजनीति कर रहे हैं.

दिलीप घोष से बाबुल की हुई थी जुबानी जंग

केंद्रीय मंत्री के पद से हटाये जाने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष से उनकी जुबानी जंग भी हुई. अब उन्होंने कहा है कि कई लोग मुझे राजनीति छोड़ने की सलाह दे रहे हैं. उनकी सलाह मुझे अच्छी लगी. इस बारे में गंभीरता से विचार कर रहा हूं. राजनीति में कुछ पाने अथवा पावर की उम्मीद में नहीं आया था. इसके बाद से ही कयास लगाये जा रहे हैं कि सिंगर से लीडर बने बाबुल राजनीति से संन्यास ले सकते हैं.

Posted By: Mithilesh Jha

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें