उत्तर बंगाल में बढ़ी हाथियों की संख्या

जलपाईगुड़ी : उत्तर बंगाल में हाथियों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. यह संकेत वन विभाग द्वारा जारी हाथियों के गणना से मिले हैं. उत्तर बंगाल के विभिन्न जंगलों में इन दिनों हाथियों के गणना का काम जारी है. वन विभाग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छह साल पहले हाथियों की गणना […]

जलपाईगुड़ी : उत्तर बंगाल में हाथियों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. यह संकेत वन विभाग द्वारा जारी हाथियों के गणना से मिले हैं. उत्तर बंगाल के विभिन्न जंगलों में इन दिनों हाथियों के गणना का काम जारी है. वन विभाग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छह साल पहले हाथियों की गणना हुई थी. तब उत्तर बंगाल में हाथियों की संख्या 529 थी. छह वर्षों में इस संख्या में काफी बढ़ोत्तरी की संभावना है. हाथियों के कुल संख्या की जानकारी तो अंतिम गणना के बाद ही मिल सकेगी. वन विभाग सूत्रों ने बताया है कि 20 अक्टूबर से ही हाथियों की गणना का काम शुरू हो चुका है.
पहले चरण का काम करीब-करीब पूरा होने को है. उसके बाद दूसरे चरण में डायरेक्ट पद्धति से हाथियों की गणना होगी. वन विभाग ने हाथियों के साथ ही गेंडे की भी गिनती कराने का निर्णय लिया है. उत्तर बंगाल के मुख्य वनपाल एस मुरली ने बताया है कि उत्तर बंगाल में हाथियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. गेंडे की संख्या भी बढ़ने की संभावना है. पहले चरण में हाथियों की गिनती की जा रही है. उसके बाद गेंडे की गणना की जायेगी. इस बीच, नेपाल सरकार द्वारा मेची नदी के किनारे हाथियों के कोरिडोर बंद कर दिये जाने पर वन विभाग ने चिंता प्रकट की है. यहां उल्लेखनीय है कि पिछले साल नेपाल सरकार ने हाथियों का प्रवेश रोकने के लिए करीब 20 किलोमीटर क्षेत्र में तारबंदी कर दी है. इस तार में बिजली का करेंट भी दौड़ाया जाता है.
इसकी वजह से डुवार्स के वनों में विचरण करने वाले हाथी नेपाल की जंगलों में नहीं जा पा रहे हैं. वन विभाग सूत्रों ने बताया कि साल में दो बार भारतीय सीमा क्षेत्र के हाथी नेपाल की जंगलों में जाते हैं. एक अनुमान के मुताबिक उत्तर बंगाल तथा असम के जंगलों से करीब 100 हाथी नेपाल जाकर वहां के जंगलों में कुछ दिन रहते हैं और फिर वापस लौट जाते हैं. मेची नदी पार कर ये हाथी नेपाल के सीमा में प्रवेश करते हैं. इसी कोरिडोर को नेपाल ने बंद कर दिया है. कोरिडोर बंद करने से हाथियों के रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने की घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है.
वन विभाग इसी बात को लेकर चिंतित हैं. कोरिडोर को बंद किये जाने की जानकारी राज्य सरकार को दे दी गई है. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से यह जानकारी भारत सरकार को दी जायेगी.

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