टेट: काली पूजा तक आंदोलन स्थगित

समस्या नहीं निबटने पर अनशन की धमकी सिलीगुड़ी : दार्जिलिंग जिला तीस्ता कैनल क्षतिग्रस्त हाइड्रेल व दैनिक मजदूरों एसोसिएशन का आंदोलन कालीपूजा तक स्थगित हो गया है. सिलीगुड़ी शिक्षा जिला के प्राथमिक विद्यालय निरीक्षक ने कालीपूजा के बाद समस्या समाधान का आश्वासन आंदोलनकारियों को दिया है. हांलाकि समस्या नहीं मिटने पर आमरण अनशन की धमकी […]

समस्या नहीं निबटने पर अनशन की धमकी
सिलीगुड़ी : दार्जिलिंग जिला तीस्ता कैनल क्षतिग्रस्त हाइड्रेल व दैनिक मजदूरों एसोसिएशन का आंदोलन कालीपूजा तक स्थगित हो गया है. सिलीगुड़ी शिक्षा जिला के प्राथमिक विद्यालय निरीक्षक ने कालीपूजा के बाद समस्या समाधान का आश्वासन आंदोलनकारियों को दिया है. हांलाकि समस्या नहीं मिटने पर आमरण अनशन की धमकी आंदोलनकारी उम्मीदवारों ने फिर दी है.
वर्ष 2009 में प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति का मामला अब जोर पकड़ता दिख रहा है. रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिये लिखित परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों ने अविलंब नियुक्ति को लेकर आमरण अनशन की धमकी दी है. बीते गुरूवार से दार्जिलिंग जिला तीस्ता कैनल क्षतिग्रस्त हाइड्रेल व दैनिक मजदूर एसोसिएशन के सदस्यों ने अविलंब नियुक्ति की मांग पर सिलीगुड़ी शिक्षा जिला प्राथमिक शिक्षा काउंसिल कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरणा प्रदर्शन शुरू किया था.
सोमवार और मंगलवार को वर्ष 2014 की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) की मौखिक परीक्षा सिलीगुड़ी गर्ल्स हाइ स्कूल में आयोजित हुइ थी. इस मौखिक परीक्षा को लेकर जिला प्राथमिक विद्यालय निरीक्षक ने आंदोलनकारियों से मंगलवार तक आंदोलन स्थगित कर बुधवार को एक बैठक करने का आश्वासन दिया था. टेट की मौखिक परीक्षा समाप्त होने के बाद बुधवार को जिला प्राथमिक विद्यालय निरीक्षक विजय लक्ष्मी पाल ने दीपावली और कालीपूजा का हवाला देते हुए आंदोलन स्थगित रखने की अपील की. उन्होंने आंदोलनकारी उम्मीदवारों को यह भरोसा दिलाया है कि कालीपूजा के बाद समाधान निकल जायेगा.
हालांकि बैठक की कोइ निश्चित तिथि अभी तय नहीं की गयी है. दार्जिलिंग जिला तीस्ता कैनल क्षतिग्रस्त हाइड्रेल व दैनिक मजदूरों एसोसिएशन के अध्यक्ष मेहर अली ने कहा कि कालीपूजा के बाद हम फिर जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलेंगे. समाधान नहीं होने पर सभी सिलीगुड़ी प्राथमिक शिक्षा काउंसिल कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठेंगे. उल्लेखनीय है कि प्राथमिक विद्यालय के रिक्त पदों की नियुक्ति के लिये वर्ष 2009 में तत्कालीन माकपा सरकार ने एक विज्ञापन दिया था. पूरे राज्य के उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद वर्ष 2012 के 9 दिसंबर को लिखित परीक्षा हुयी.
परीक्षा के करीब चार वर्ष गुजर जाने के बाद भी आज तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ है. माकपा और तृणमूल की राजनीतिक तंज में परीक्षा देने वाले उम्मीदवार अब आर-पार की लड़ाइ करना चाहते हैं. इसी बीच वर्ष 2012 और 2014 में टेट की परीक्षा हुयी. 2012 की सभी प्रक्रिया पूरी कर रिक्त पदों पर बहाली भी की जा चुकी है. जबकि वर्ष 2014 के टेट परीक्षा की बहाली प्रक्रिया जारी है.

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