वन्य प्राणी तस्करी मामला

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Oct 2016 7:10 AM

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भारत ने की चीन को घेरने की तैयारी जलपाईगुड़ी. डुवार्स के जंगलों से वन्य प्राणियों के अंगों की तस्करी के मामले में बार-बार चीन का नाम सामने आता है. तस्कर वन्य प्राणियों के अंगों को चीनी तस्करों को बेचते हैं. इस मामले को लेकर भारत ने चीन को घेरने की तैयारी कर ली है. इंटरपोल […]

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भारत ने की चीन को घेरने की तैयारी
जलपाईगुड़ी. डुवार्स के जंगलों से वन्य प्राणियों के अंगों की तस्करी के मामले में बार-बार चीन का नाम सामने आता है. तस्कर वन्य प्राणियों के अंगों को चीनी तस्करों को बेचते हैं.
इस मामले को लेकर भारत ने चीन को घेरने की तैयारी कर ली है. इंटरपोल द्वारा आयोजित बैठक में भारत इस मुद्दे को जो-शोर से उठायेगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूटान के पारो में वन्य जीवों की अंगों की तस्करी मामले को लेकर नवंबर में इंटरपोल की एक बैठक होनी है. इसमें भारत तथा चीन सहित कुल सात देश शामिल होंगे.
वन विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, वन्य तथा वन्य जीवों की तस्करी के मामले में चीन शुरू से ही बदनाम रहा है. अंतर्राष्ट्रीय तस्करों का गिरोह चीन में सक्रिय है. भारतीय तस्करों की मदद से लाल चंदन सहित कई कीमती वन्य पदार्थ तथा वन्य जीवों के अंगों की तस्करी चीन में की जाती है. यहां तक कि दक्षिण भारत के विशाखापत्तनम से लाल चंदन की लकड़ी को सिलीगुड़ी, डुवार्स, जयगांव होते हुए भूटान एवं बाद में चीन भेज दिया जाता है.
इसके अलावा वन्य जीवों के अंगों की तस्करी भी चीन में की जाती है. और तो और, सांप के विष तक चीन भेजे जा रहे हैं. हाल ही में 200 करोड़ रुपये मूल्य के सांप के विष को वन विभाग ने जब्त किया था. इसके अलावा कुछ दिनों पहले गैंडे के सींग एवं वन्य क्षेत्र में एक एके47 राइफल मिलने से भी खलबली मच गई थी. वन विभाग के अधिकारी इस बात को लेकर काफी चिंतित हैं. वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि चीनी तस्करों के शह पर भारतीय तस्कर अत्याधुनिक राइफल आदि से लैस हो रहे हैं और जंगली जानवरों का शिकार कर उनके अंगों की तस्करी कर रहे हैं. वन्य प्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो के पूर्वी क्षेत्र के उप-निदेशक अग्नि मित्र ने बताया है कि वन्य तस्करी के तमाम मामलों की जानकारी दिल्ली को दी जायेगी.
उन्होंने आगे कहा कि वन्य जीवों के तस्करी के मामले में चीन पहले से ही बदनाम रहा है. इस मामले में चीन को घेरने के लिए भारत सरकार द्वारा कदम उठाये जा रहे हैं. पारो में इंटरपोल की जो बैठक होने वाली है, उसमें कोई न कोई समाधान निकलने की उम्मीद है. उन्होंने आगे कहा कि तस्करी पर लगाम लगाने की सभी तैयारी विभाग की ओर से की जा रही है.
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