मोटर वाहन विभाग के खिलाफ ट्रक ड्राइवरों का फूटा गुस्सा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Oct 2016 11:59 PM

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फुलबाड़ी में किया प्रदर्शन एनएच 31 डी को घंटों किया जाम, प्रदर्शनकारी खदेड़े गये सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी के मोटर वाहन विभाग (एमवीआइ) की धांधली और ज्यादितयों के विरूद्ध दूरगामी ट्रकों (नेशनल परमिट) के ड्राइवरों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा. सिलीगुड़ी से सटे फूलबाड़ी के टोल प्लाजा के सामने फूलबाड़ी-घोषपुकुर राष्ट्रीय राजमार्ग (हाइवे) पर जमकर […]

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फुलबाड़ी में किया प्रदर्शन एनएच 31 डी को घंटों किया जाम, प्रदर्शनकारी खदेड़े गये
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी के मोटर वाहन विभाग (एमवीआइ) की धांधली और ज्यादितयों के विरूद्ध दूरगामी ट्रकों (नेशनल परमिट) के ड्राइवरों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा. सिलीगुड़ी से सटे फूलबाड़ी के टोल प्लाजा के सामने फूलबाड़ी-घोषपुकुर राष्ट्रीय राजमार्ग (हाइवे) पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया.
साथ ही हाइवे (एनएच-31 डी) को घंटों जाम कर दिया. इससे हाइवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गयी. सूचना पाकर न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) थाना के इंस्पेक्टर दीपांजन दास दल बल के साथ मौके पर पहुंचे. पहले उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने की बहुत कोशिश की. बाद में आक्रोशित प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की तू-तू, मैं-मैं हुई जो देखते-देखते ही नोंक-झोंक और धक्का-मुक्की में तब्दील हो गयी.
माहौल बिगड़ते देख पुलिस को शक्ति प्रदर्शन करना पड़ा और हवा लाठियां लहराकर प्रदर्शनकारियों को हाइवे से खदेड़ा. इस दौरान हाइवे में भगदड़ मच गयी और कई प्रदर्शनकारी ड्राइवर आंशिक रूप से जख्मी हो गये.
एमवीआइ की घूसखोरी का किया खुलासा: प्रदर्शनकारी ड्राइवरों ने एमवीआइ में व्याप्त घूसखोरी का पुलिस और मीडिया के सामने खुलासा किया. पुलिस के धक्का-मुक्की में जख्मी एक ड्राइवर शंकर पांडेय का कहना है कि हमारे ट्रकों के सभी कागजपतर व अन्य जरूरी दस्तावेज सही होने के बावजूद एमवीआइ द्वारा बेवजह तीन-चार रोज से परेशान किया जा रहा है. सभी दस्तावेज होने के बावजूद पांच-सात हजार रुपये का चालान काटती है. लेकिन एमवीआइ के अधिकारी चालान देते भी नहीं और उल्टा घूस के रूप में 35 से 50 हजार रुपये की मांग करते हैं.
साथ ही हमारा कागजात भी अपने साथ ले जाते हैं. सिलीगुड़ी कोर्ट के पास स्थित एमबीआइ दफ्तर में आकर रुपये जमा देने के बाद चालान और कागजपतर लौटा देने की बात करते हैं. दफ्तर में जाने पर कोई भी सीधे-मुंह बात नहीं करता. कोई भी बगैर रुपये के बात ही नहीं करता. कभी ये टेबुल तो वो टेबुल, तो कभी कोई काउंटर या ये बाबू,
फलाना बाबू के पास जाने का सलाह देकर हमें परेशान कर रहे हैं. यूपी नंबर के एक अन्य ट्रक ड्राइवर लक्ष्मण सहनी का कहना है कि असम से लौटकर कल यानी मंगलवार को सुबह सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट से कच्चा केला कोलकाता के लिए लोड किया. आज सुबह तक कोलकाता केला अनलोड कर देना था. लेकिन एमवीआइ के अधिकारियों के धांधली की वजह से अभी तक सिलीगुड़ी में ही अटके हुए हैं. अगर समय पर माल नहीं पहुंचाया गया तो भाड़ा भी जायेगा और नुकसान की भरपाई भी करनी पड़ेगी. जिसे ट्रक मालिक हमारे वेतन से काट लेगा. एमवीआइ सभी कागजात भी ले गये और सात हजार रुपये का चालान काट गये.
चालान भी नहीं दिया और दफ्तर में आकर पहले 45 हजार रुपये जमा देने के बाद कागजपतर ले जाने को कह रहे हैं. इसी तरह का आरोप फूलबाड़ी में एमवीआइ के धांधली का खामिया भूगत रहे अन्य ड्राइवर भी लगा रहे हैं. सभी का एक ही बात कहना है कि हमारे उपर जहां सरकारी बाबूओं का पिंजड़ा कसा हुआ है तो वहीं पार्टी और ट्रक मालिक का तलवार भी हमारे उपर लटका हुआ है.
अधिकारी ने आरोपों से झाड़ा पल्ला
एक अधिकारी मोटर वेकल इंस्पेक्टर (एमवीआइ) राजन सुनदास ने आरोपों से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह हमारे दफ्तर का मामला नहीं है.
उन्होंने इस पूरे मामले को सिलीगुड़ी एमवीआइ के सिर पर डालकर अपना बचाव करने का प्रयास किया. श्री सुनदास का साफ कहना है कि इस मामले से हमारे दफ्तर का कोई लेना-देना ही नहीं है. वहीं, इस बाबत जिला अधिकारी (डीएम, दार्जिलिंग) डॉ अनुराग श्रीवास्तव से भी उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने को कोशिश की गयी, काफी प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हो सका.
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