टोल टैक्स के खिलाफ तीन जिलों में निजी बसों की रही हड़ताल

मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर में नहीं चले यात्री वाहन एनएच 34 का काम पूरा हुए बिना टोल टैक्स वसूली का विरोध मालदा. राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) संख्या 34 का काम पूरा हुए बिना टोल टैक्स वसूली किये जाने के खिलाफ मालदा और उत्तर एवं दक्षिण दिनाजपुर जिलों के सभी निजी यात्री वाहनों ने हड़ताल की. […]

मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर में नहीं चले यात्री वाहन
एनएच 34 का काम पूरा हुए बिना टोल टैक्स वसूली का विरोध
मालदा. राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) संख्या 34 का काम पूरा हुए बिना टोल टैक्स वसूली किये जाने के खिलाफ मालदा और उत्तर एवं दक्षिण दिनाजपुर जिलों के सभी निजी यात्री वाहनों ने हड़ताल की. मंगलवार को सुबह से ही तीनों जिलों में निजी बसों और छोटे यात्री वाहनों का परिचालन बंद रहा. इससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी. हालांकि सरकारी बसें चल रही थीं, पर उनकी संख्या पर्याप्त न होने से लोगों को काफी तकलीफ हुई.
हड़ताल को खत्म करवाने की कोशिश में मालदा के जिला अधिकारी शरद द्विवेदी ने जिला व्यवसायी समिति, गैरसरकारी परिवहन संगठनों और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के साथ बैठक की. सुबह 11 बजे शुरू हुई यह बैठक करीब डेढ़ घंटे चली. बैठक में प्रशासन ने हड़ताल खत्म करने का अनुरोध किया. जिला अधिकारी ने बताया कि कालीपूजा और कई अन्य त्योहार सामने हैं, ऐसे में आम लोगों का ध्यान रखते हुए हड़ताल वापस लेने की अपील की गयी.
इधर मालदा बस एवं मिनी बस ओनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष काजल राय ने कहा कि गत 16 अक्तूबर से वैष्णवनगर थाना इलाके के 18 माइल और गाजोल थाना इलाके के गाजोल स्टैंड के पास टोल टैक्स की वसूली शुरू की गयी है. यह वसूली एनएचएआइ की ठेकेदार कंपनी एचसीसी कर रही है. 18 माइल प्लाजा पर एक बार आने या जाने के लिए 185 रुपये और गाजोल प्लाजा पर 225 रुपये बतौर टोल टैक्स लिये जा रहे हैं.
अभी एनएच 34 का काम पूरा भी नहीं हुआ है कि यह वसूली शुरू कर दी गयी है. बाइपास के लिए 14 किलोमीटर की सड़क बनाने का काम भी अधूरा पड़ा है. हमारा कहना है कि जब तक सड़क का काम पूरा न हो जाये, टोल टैक्स की वसूली न की जाये. लेकिन एनएचएआइ के अधिकारी इस बारे में कुछ सुनना ही नहीं चाह रहे हैं. इसलिए मजबूर होकर तीन जिलों मालदा, उत्तर एवं दक्षिण दिनाजपुर के गैरसरकारी बस संगठनों को एक दिन की प्रतीकात्मक हड़ताल करनी पड़ रही है. हमारी इस हड़ताल का तीनों जिलों की व्यवसायी समिति भी समर्थन कर रही है. राष्ट्रीय राजमार्ग का काम पूरा नहीं होने तक हम लोग टोल टैक्स देने को तैयार नहीं है.
व्यवसायी भी शामिल हुए हड़ताल में
मालदा मर्चेंट चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव उज्ज्वल साहा ने बताया कि तीनों जिलों के व्यवसायी निजी परिवहन संस्थाओं की मांग के समर्थन में प्रतीकात्मक हड़ताल में शामिल हुए हैं.
सड़क का काम पूरा हुए बिना टोल टैक्स की वसूली कैसे की जा सकती है, इस बारे में एनएचएआइ के अधिकारी कोई सफाई देने को राजी नहीं हैं. प्रशासन ने पूजा के मौसम में हमसे हड़ताल खत्म करने का अनुरोध किया है. लेकिन छठ पूजा के बाद हमारा आंदोलन फिर शुरू होगा.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के मालदा के प्रोजेक्ट निदेशक दिनेश कुमार हांसरिया ने बताया कि जितनी दूरी में सड़क पूरी नहीं हुई है, उतनी दूरी को छोड़कर टोल टैक्स वसूला जा रहा है. यह बात गैरसरकारी परिवहन संस्था और जिला प्रशासन को बता दी गयी है. गैरसरकारी परिवहन संस्था की मांग नाजायज है. तब भी हम पूरे मामले को उच्च अधिकारियों के विचारार्थ भेज रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >