उत्तर बंगाल में लगातार बढ़ रही है बुखार के रोगियों की संख्या
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Oct 2016 6:15 AM
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सिलीगुड़ी/मालदा : उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में बुखार रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. खासकर मालदा तथा दक्षिण दिनाजपुर जिले में भारी तादाद में बुखार के रोगी अस्पतालों में भरती हो रहे हैं. राहत की बात यह है कि डेंगू का कोई नया मामला सामने नहीं आया है. मालदा तथा दक्षिण दिनाजपुर जिले […]
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सिलीगुड़ी/मालदा : उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में बुखार रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. खासकर मालदा तथा दक्षिण दिनाजपुर जिले में भारी तादाद में बुखार के रोगी अस्पतालों में भरती हो रहे हैं.
राहत की बात यह है कि डेंगू का कोई नया मामला सामने नहीं आया है. मालदा तथा दक्षिण दिनाजपुर जिले में बुखार रोगियों की लगातार बढ़ रही संख्या से जिला स्वास्थ्य विभाग भी परेशान है. आलम यह है कि रोगियों को भरती करने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बेड नहीं है. एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भरती कराया गया है.
इसके अलावा बरामदे तथा अस्पताल के खाली पड़े अन्य स्थानों पर जमीन पर भी बुखार पीड़ितों की चिकित्सा चल रही है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, डेंगू के आतंक की वजह से ही रोगी कोई भी बुखार होने पर सीधा अस्पताल आ रहे हैं. इसके अलावा रक्त के परीक्षण के लिए भी रोगियों के बीच मारा-मारी लगी हुई है. मालदा के विभिन्न ग्रामीण अस्पतालों के साथ ही जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में भी भारी संख्या में बुखार के मरीज भरती हुए हैं. अस्पताल अधीक्षक अमित दां ने बताया है कि डेंगू के आतंक की वजह से ही बुखार लगते ही मरीज अस्पताल आ रहे हैं. रोगियों को समझाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह में स्थिति सामान्य होने की संभावना है. हर साल ही इस मौसम में संक्रमण की वजह से बुखार की बीमारी होती है. जाड़ा बढ़ने के साथ ही स्थिति सामान्य होने की संभावना है. श्री दां ने आगे कहा कि अगले 10 दिनों में उत्तर बंगाल में भी जाड़ा बढ़ने की संभावना है. उन्होंने कहा कि जिले में भले ही बुखार रोगियों की संख्या बढ़ी हो लेकिन डेंगू मरीजों की संख्या नहीं बढ़ी है. यही सबसे राहत की बात है. मालदा मेडिकल कॉलेज में 26 डेंगू मरीजों की चिकित्सा चल रही है.
इधर, दक्षिण दिनाजपुर जिले में भी डेंगू मरीजों की संख्या तो नहीं बढ़ी है, लेकिन बुखार पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सदर अस्पताल के अधीक्षक तपन विश्वास का कहना है कि बुखार के मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या की वजह से चिकित्सा में परेशानी हो रही है. अस्पताल की ढांचागत सुविधाएं इतनी नहीं है कि सैकड़ों के तादाद में मरीजों को भरती किया जा सके.
कई रोगियों को मालदा मेडिकल कॉलेज भी रेफर किया गया है. इस बीच, स्वास्थ्य विभाग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन दोनों जिलों को मिला कर करीब 500 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भरती हैं. सबसे आश्चर्य की बात यह है कि बुखार पीड़ितों की इतनी अधिक संख्या होने के बाद भी अलग से फिरव क्लीनिक चालू नहीं किया गया है. बुखार पीड़ित मरीजों को भी आम रोगियों के साथ ही रखा जा रहा है.
यह अलग बात है कि डेंगू मरीजों की चिकित्सा अलग वार्ड में हो रही है. दूसरी तरफ बुखार से डुवार्स में एक चाय श्रमिक की मौत हो गई है. माल ब्लॉक के बागराकोट चाय बागान के श्रमिक रतन मंगर (30) की मौत हो गई. वह इसी बागान के टॉप लाइन का रहने वाला था. पिछले कई दिनों से वह बीमार था. उसकी चिकित्सा सिलीगुड़ी के उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में चल रही थी. कई दिनों के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई.
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