खुद प्रतिमा बनाकर मां की पूजा करता है एक परिवार

नागराकाटा : दूर्गा पूजा में अब कुछ ही दिन बचा है. आम तौर पर दुर्गा प्रतिमा लोग मूर्तिकार बुलाकर बनवाते हैं. ऐसी जगहों पर आजकल मूर्तिकार प्रतहमा को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं, लेकिन एक परिवार ऐसा भी है जो बाहरी मूर्तिकार के हाथों बनी प्रतिमा को नहीं पूजता है बल्कि खुद अपने […]

नागराकाटा : दूर्गा पूजा में अब कुछ ही दिन बचा है. आम तौर पर दुर्गा प्रतिमा लोग मूर्तिकार बुलाकर बनवाते हैं. ऐसी जगहों पर आजकल मूर्तिकार प्रतहमा को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं, लेकिन एक परिवार ऐसा भी है जो बाहरी मूर्तिकार के हाथों बनी प्रतिमा को नहीं पूजता है बल्कि खुद अपने हाथों से प्रतिमा का निर्माण करता है और उसकी पूजा करता है.

पिछले चार वर्षो से इसी तरह यह परिवार पूजा कर रहा है. मेटली बजार स्थित हाटखोला का यह परिवार पेशे से मूर्तिकार नहीं है. इस संबंध में परिवार के सदस्य धनराज छेत्री कहते हैं कि हमारा परिवार खुद प्रतिमा का निर्माण करता है. पिछले चार वर्षों से हम दुर्गा की मूर्ति बना रहे हैं. इसबार भी दो फुट की प्रतिमा तैयार हो रही है. एमए प्रथम वर्ष का छात्र धनराज ने बताया कि अन्य वर्ष की तुलना में इस बार मूर्ति का आकार बहुत अच्छा है. काम से जब भी समय मिलता है धनराज मूर्ति तैयार करता है.

वो कहता है कि ऐसी प्रतिमा तैयार करने में उसे केवल दो हजार खर्च करना पड़ता है. वो कहता है कि उसने मूर्तिकला किसी से नहीं सीखा है. वो कहता है कि दुर्गा के अलावा वो सरस्वती की मूर्ति भी बनाता है. धनराज की बनायी प्रतिमा देखने काफी लोग आते हैं. मां चम्पा छेत्री ने बताया पिछले चार वर्षों से खुद दुर्गा की प्रतिमा तैयार कर पूजा करने से संतोष मिलता है.

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