अदालत जाते समय आरोपी ने कहा- घटना में और कई शामिल
मालदा : मनरेगा के तहत निर्मल बांग्ला परियोजना के लगभग 1 करोड़ 40 लाख रुपए आर्थिक घोटाला मामले में महानंदटोला ग्राम पंचायत में एक और अधिकारी गिरफ्तार हुआ है. घटना रतुआ 1 नंबर ब्लॉक के महानंदटोला ग्राम पंचायत इलाके में हुई है. हालही में कट मनी लेने को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चेतावनी के बाद मालदा में सरकारी विभिन्न योजना के काम की पुलिस जांच शुरू हुई है.
इसकी के बीत 18 जून को पंचायत के सह अधिकारी सुकेश यादव को श्याम गोपटोला से गिरफ्तार किया गया था. शुक्रवार रात दूसरे अधिकारी प्रमोद कुमार सरकार को मालदा के अरविंद पार्क से रतुआ थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
शनिवार को आरोपी सरकारी अधिकारी प्रमोद कुमार सरकार को चांचल महकमा अदालत में पेश किया गया. आरोपी ने कहा कि उसके साथ इस फर्जीवाड़े में और कई पंचायत सदस्य शामिल है. उल्लेखनीय है कि 2017 साल में महानंद टोला ग्राम पंचायत के तत्कालीन प्रधान सुकेश यादव सहित कई सरकारी अधिकारी पर निर्मल बांग्ला योजना में घोटाला करने की शिकायत मिली थी.
इस फर्जीवाड़े में लगभग 1 करोड़ 40 लाख सरकारी रुपए गवन किये गये है. आरोप के आधार पर रतुआ 1 नंबर ब्लॉक के तत्कालीन बीडीओ अर्जुन पाल ने प्रशासनिक जांच के निर्देश दिये. छानबीन में आरोप की मिलीभगत सामने आयी. 2017 के 6 नवंबर को बीडीओ ने प्रधान सुकेश यादव, एक्जीक्यूटिव एसिस्टेंट प्रमोद कुमार सरकार के खिलाफ रतुआ थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवायी थी.
रतुया थाना ओसी कुणाल कांति दास ने कहा कि महानंदटोला ग्राम पंचायत के आर्थिक घोटाले में बीडीओ द्वारा दर्ज शिकायत में सुकेश यादव के साथ प्रमोद सरकार का भी नाम था. इसी के आधार पर शुक्रवार रात प्रमोद सरकार को गिरफ्तार किया गया. आरोपी ने बताया कि उसे इस शिकायत की कॉपी नहीं मिली है. शुक्रवार रात उसे पुलिस ने अचानक घर से गिरफ्तार कर लिया. लेकिन इस घटना में और कई लोगों के शामिल होने की बात उसने बतायी है.
