दार्जिलिंग : जब तक बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पहाड़ में विनय तमांग रहेगा, तबतक किसी भी हाल में एनआरसी लागू नहीं होने देंगे. यह बातें गोजमुमो अध्यक्ष विनय तामांग ने मंगलवार को कही. शहर के जज बाजार स्थित गोजमुमो केन्द्रीय कार्यालय में गोजमुमो अध्यक्ष विनय तामांग ने पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि एनआरसी गोरखाओं के लिये घातक है.
दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में रहने वाले 87 प्रतिशत लोगों के पास घर और जमीन का कागज नहीं है. एनआरसी लागू होने से लोगो की वोटर कार्ड से लेकर आधार कार्ड, घर और जमीन के कागजातों को दिखाना पड़ता है. दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के ज्यादातर भूभागों में चाय बागान, सिन्कोना बागान फॉरेस्ट विलेज, डीआई फ्रंड,नगरपालिका का है. इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का घर और जमीन के कागजात नहीं है.
इसलिये एनआरसी लागू होने से इनलोगों पर असर पड़ सकता है. पिछले कुछ माह पहले असम में भी एनआरसी लागू किया गया था, जिसमें करिब दो लाख गोर्खाओं का नाम वोटर लिस्ट के संदेह सूची में शामिल किया गया है. एनआरसी बिल लोकसभा में पारित हो चुका है, लेकिन राज्यसभा में पारित नहीं हुआ है. यदि एनआरसी बिल पारित करके बंगाल भी लागू कराया गया तो सबसे ज्यादा असर गोर्खाओं पर पड़ेगा.
श्री तमांग ने कहा कि भाजपा उम्मीदवार राजू बिष्ट के द्वारा गोर्खाओं को किस आधार पर सुरक्षित बताया जा रहा है. आसम और दार्जिलिंग की भौगोलिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक स्थिति अलग-अलग है. दार्जिलिंग, कार्सियांग समेत अन्य कुछ भूभाग भारत-नेपाल संधि के आधार पर भारत में मिलाया गया है. इसी तरह से कालिम्पोंग और डुआर्स के कुछ भूभागों को भारत-भूटान संधि के आधार पर भारत में मिलाया गया है. इन सभी बातों का ज्ञान भाजपा उम्मीदवार राजू बिष्ट को नहीं है. उन्होंने इन विषयों पर अध्ययन करने की नसीहत भी दी. बंगाल में जबतक ममता बनर्जी और विनय तामांग रहेगा, तबतक एनआरसी लागू होने नहीं देंगे.
