महंगाई पर आस्था भारी जमाई बाबू भी हुए महंगे

सिलीगुड़ी: बंगाली समुदाय में जामाई षष्ठी प्रमुख त्यौहारों में एक है. इस दिन ससुराल में जवाई को पूरे सम्मान के साथ पूजा जाता है और उनका काफी आदर सत्कार किया जाता है. कल यानी बुधवार को मनाई जाने वाले जामाई षष्ठी को लेकर ससुराल में तैयारियां प्राय: अंतिम चरण में है. आज हाट-बाजारों में काफी […]

सिलीगुड़ी: बंगाली समुदाय में जामाई षष्ठी प्रमुख त्यौहारों में एक है. इस दिन ससुराल में जवाई को पूरे सम्मान के साथ पूजा जाता है और उनका काफी आदर सत्कार किया जाता है. कल यानी बुधवार को मनाई जाने वाले जामाई षष्ठी को लेकर ससुराल में तैयारियां प्राय: अंतिम चरण में है.

आज हाट-बाजारों में काफी रौनक देखी गई. फल, मछलियों के भाव काफी महंगे होने के बावजूद अपने जवाई बाबू के लिए सासु मां ने जम कर खरीददारी की. जामाई षष्ठी में खास महत्व रखने वाला इलिश मछली का भाव पूछने के दौरान आज एक बूढ़ी सास के मुंह से निकल पड़ा ई बाबा! एखोन जवाई बाबू देरो दाम बाढ़े गिये छे . आज सिलीगुड़ी के विभिन्न हाट-बाजारों के मछली बाजारों में इलिश मछली 1000 से 1200 रुपये प्रति किलो के भाव में बिके. वहीं ताल पत्ता से बने हाथ पंखे 10 रुपये प्रति पंखे बिके. दूसरी ओर आज फलों के भाव भी आसमान छू रहे थे. लीची 75 से 85, लंगड़ा आम 70, हिमसागर आम 80, सेव 200 से 220, तरबूज 30 रुपये प्रति किलो के भाव में बिके. वहीं मालभोग केला 60 से 70 रुपये प्रति दर्जन बिके.

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