तीन सप्ताह बाद भी रिपोर्ट नदारद

सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में डॉक्टरों के सजिर्कल इंस्ट्रमेंट की आपूर्ति करने वाले एक सख्स के साथ सांठगांठ रहने के खुलासे के करीब तीन सप्ताह बाद भी जांच की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है. पिछले महीने की दस तारीख को मेडिकल कालेज के ऑपरेशन थियेटर से एक बाहरी ब्यक्ति को […]

सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में डॉक्टरों के सजिर्कल इंस्ट्रमेंट की आपूर्ति करने वाले एक सख्स के साथ सांठगांठ रहने के खुलासे के करीब तीन सप्ताह बाद भी जांच की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है.

पिछले महीने की दस तारीख को मेडिकल कालेज के ऑपरेशन थियेटर से एक बाहरी ब्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. उस ब्यक्ति पर डॉक्टरों के साथ मिलीभगत का आरोप है.

इस आरोप के सामने आने के बाद मेडिकल कालेज प्रशासन ने एक जांच कमिटी का गठन किया था और आठ से दस दिनों के अंदर रिपोर्ट देने की बात कही थी. लेकिन तब से लेकर अब तक करीब बीस दिन से भी अधिक दिनों का समय बीत चुका है और जांच रिपोर्ट का कहीं भी अता-पता नहीं है. इस मामले की जांच के लिए सिलीगुड़ी के विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों ने बड़े पैमाने पर आंदोलन भी किया था. इन स्वयंसेवी संगठनों ने अस्पताल प्रबंधन पर जांच कार्यो में टाल-मटोल का आरोप लगाया है.

ऐसे ही कई संगठनों ने मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के अधीक्षक अमरेन्द्र सरकार को ज्ञापन देकर शीघ्र ही जांच रिपोर्ट के खुलासा करने और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करने की मांग की है. एक स्वयंसेवी संगठन के अध्यक्ष पीयूष कांति राय ने कहा है कि 25 मई तक जांच कमिटी द्वारा अपनी रिपोर्ट दिये जाने की बात इससे पहले अस्पताल अधीक्षक ने कही थी. लेकिन अब वह दो चार दिन बाद रिपोर्ट आने की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आरोपी डॉक्टर के विरूद्ध किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उल्टे उन्होंने कुछ दिनों की छुट्टी के बाद फिर से काम शुरू कर दिया है. उन्होंने जांच रिपोर्ट शीघ्र नहीं आने की स्थिति में आंदोलन की धमकी दी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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