प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए हिंदी में प्रश्नपत्र की मांग

कालचीनी : माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के बाद डुवार्स के हिंदी माध्यम से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिये राज्य सरकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी में प्रश्नपत्र की मांग ने जोर पकड़ना शुरु किया है. इसको लेकर हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को सचेत करने के लिये अखिल भारतीय आदिवासी सदान महासभा ने जागरुकता अभियान शुरु कर […]

कालचीनी : माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के बाद डुवार्स के हिंदी माध्यम से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिये राज्य सरकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी में प्रश्नपत्र की मांग ने जोर पकड़ना शुरु किया है. इसको लेकर हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को सचेत करने के लिये अखिल भारतीय आदिवासी सदान महासभा ने जागरुकता अभियान शुरु कर दिया है. इसको लेकर संगठन के कार्यकर्ता विभिन्न स्कूलों में जाकर छात्र छात्राओं को उनके अधिकारों के बारे में अवगत करा रहे हैं.
संगठन के पक्ष से हरि कुजूर ने शुक्रवार को बताया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी माध्यम से उत्तीर्ण विद्यार्थी बांग्ला व अंग्रेजी के प्रश्नपत्रों की वजह से बेहतर परिणाम नहीं ला पाते. इन परीक्षाओं में हिंदी में प्रश्नपत्र दिलाने की मांग को लेकर संगठन की ओर से प्रशासनिक स्तर पर ज्ञापन दिये गये हैं.
लेकिन जब तक हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति सचेत नहीं किया जायेगा तब तक इस मुद्दे को लेकर कोई आंदोलन सफल नहीं हो सकता. उन्होंने बताया कि कालचीनी प्रखंड अंतर्गत गारोपाड़ा स्थित विधानचंद्र हिंदी स्कूल, चुआपाड़ा हिंदी जूनियर हाई स्कूल, मेचपाड़ा एमएसके स्कूलों में वार्तालाप कर छात्र छात्राओं को जागरुक किया गया. इस तरह का अभियान अन्य हिंदी माध्यम के विद्यालयों में भी चलाया जायेगा.

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