दार्जिलिंग : नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) के तहत असम के 40 लाख लोगों का नाम कट रहा है. जिसमें एक लाख गोर्खा का भी नाम हटाये जाने की जानकारी मिल रही है. उक्त बातें गोजमुमो अध्यक्ष विनय तमांग ने प्रेस विज्ञाप्ति जारी कर कहा. विनय तमांग की ओर से जारी किये गये विज्ञाप्ति में कहा गया है कि गोर्खा जनमुक्ति मोर्चा असम के सभी गोर्खाओं को उक्त ड्राफ्ट फाइनल नहीं होने के कारण नागरिकता प्रमाणित करने के लिये और समय होने के कारण आवेदन पत्र देने की अपील की है.
इसके बावजूद भी भारतीय नागरिकों का नाम हटाया गया तो कानूनी सहयोग करने के लिये गोजमुमो तैयार है. श्री तमांग ने कहा है कि असम भाजपा सरकार की ओर से शुरू किये गये एनआरसी का गोजमुमो विरोध करती है. उन्होंने कहा कि भाजपा की मनसा पश्चिम बंगाल में भी एनआरसी लागू करने की है.
भाजपा पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष दिलीप घोष ने एनआरसी लागू करने का संकेत दिया है. भाजपा ने राजनीतिक फायदा उठाने के लिये एनआरसी लागू करने का षड्यंत्र कर रही है. यदि बंगाल में भी एनआरसी लागू किया गया तो बंगाल के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में रहने वाले गोर्खाओं को असम की तरह उच्छेद करने की आशंका तमांग ने जताया है. बंगाल के अल्पसंख्यक समुदायों का नाम हटाकर बंगाल के सत्ता हड़पने की सोच भाजपा का है.
तमांग ने जारी किये गये प्रेस विज्ञाप्ति में आगे कहा है कि भाजपा ने असम और बंगाल ही नहीं बल्कि देश के सभी राज्यों में लागू करने की सोच बनायी है. यदि भाजपा ने इस तरह का कार्य किया तो देश भर में साम्प्रदायिक हिंसा होने की आशंका है. अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिये राष्ट्र के साम्प्रदायिक सद्भावना को नष्ट करना राष्ट्रीय सुरक्षा के उपर प्रश्न चिन्ह खड़ा होगा. इस तरह के कार्यों का गोजमुमो अध्यक्ष विनय तमांग ने विरोध किया है.
