कालिम्पोंग. कालिम्पोंग के स्थानीय मेला ग्राउंड में मोर्चा की जनसभा में जीटीए चीफ विनय तमांग के लगाये आरोपों का हिमालयन फॉरेस्ट विलेजर्स ऑर्गनाइजेशन के सचिव लीला गुरुंग ने कड़ा प्रतिवाद किया है. रविवार की सभा में विनय तमांग ने लीला गुरुंग पर बसंत तमांग के मार्फत 15 लाख रूपये मांगने का आरोप लगाया था. हिमालयन फॉरेस्ट विलेजर्स ऑर्गनाइजेशन की सचिव लीला गुरुंग ने कहा है कि अगर तीन दिनों के अंदर इसको प्रमाणित नहीं किया गया तो मानहानि का मुकदमा किया जायेगा.
श्री गुरुंग ने मंगलवार को संगठन के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग कर्सियांग एवं डुआर्स के कार्यकर्ताओं के साथ एक प्रकार सम्मेलन आयोजित किया था.उन्होंने कहा विनय तमांग ने मेरे ऊपर 15 लाख रुपया मांगने के आरोप को यदि तीन दिनों के अंदर प्रमाणित नहीं किया तो मानहानी का मुकदमा चलाने को बाध्य हो जाउंगा. यह आरोप आधारहीन है.
विनय तमांग जनता के बीच माफ़ी मांगकर बोलें की मैनें झूठ कहा था. वहीं जिला कमेटी के चीफ कन्वेनर शरण राई ने कहा कि विनय तमांग को वन अधिकार कानून के बारे में जानकारी नहीं है. वे पंचायत एवं ग्राम सभा को एक जगह मिला रहे है, जबकि ग्रामसभा का पंचायत के साथ कोई संबंध नहीं है.
कोर कमेटी के संयोजक बबीता गुरुंग ने कहा कि विनय तमांग लगातार लीला गुरुंग को टारगेट कर रहे है. उन्होंने जनसभा के दौरान जिस भाषा शैली का प्रयोग किया उससे हजारो लीला गुरुंग एवं वनबासियों को चोट पहुंचा है. लीला कुमार गुरुंग को प्रताड़ित करने के लिए स्कूल से उनका हस्तांतरण करने की बातें भी माहौल को गर्म रही है. लीला गुरुंग ने कहा कि जो नियत विनय तमांग का है, वो ऐसा कर सकते हैं. यदि वैसा होता है तो उनका चरित्र सबके सामने आ जायेगा.
