अदालत की अवमानना:पशु संसाधन विभाग के सचिव को हाइकोर्ट में पेश होने का आदेश

हाइकोर्ट ने अदालत की अवमानना के मामले में राज्य के पशु संसाधन विभाग के सचिव विवेक कुमार को अदालत में पेश होने का आदेश दिया.

अदालत की अवमानना का मामला संवाददाता, कोलकाता कलकत्ता हाइकोर्ट ने अदालत की अवमानना के मामले में राज्य के पशु संसाधन विभाग के सचिव विवेक कुमार को अदालत में पेश करने का आदेश दिया. जस्टिस राजशेखर मंथा ने विधाननगर थाने की पुलिस को इस आदेश को लागू करने का आदेश दिया. कोर्ट ने हाल ही में विभाग के सचिव के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया था. लेकिन नाम की स्पेलिंग में गलती के कारण उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया. दरअसल, हाइकोर्ट ने उनके नाम विवेक की जगह भिभेक लिखते हुए नोटिस भेजा था. वहीं, राज्य के पशु व पालन विभाग के सचिव विवेक कुमार ने इसे लेने से इनकार कर दिया. राज्य सरकार के अधिवक्ता के अनुसार, विवेक शब्द का उच्चारण होठों से होता है और भिभेक शब्द का उच्चारण हृदय से होता है. इसलिए हो सकता है कि सचिव ने नाम की स्पेलिंग में हुई इस गलती के कारण कोर्ट के इस नोटिस को लेने से इनकार कर दिया हो. कोर्ट की अवमानना के मामले में एक सचिव की ऐसी दलीलें सुनकर हाइकोर्ट के जस्टिस राजशेखर मंथा नाराज हो गये और कहा कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा रहा है. फिर देखता हूं कि कौन-सा शब्द दिल से निकलता है, और कौन-सा होठों से. कोर्ट द्वारा तलब किये जाने के आदेश का अमल न करने पर सचिव के इस व्यवहार को हाइकोर्ट अहंकार के तौर पर देखा है. न्यायाधीश ने अब विभाग के सचिव को सशरीर अदालत में पेश होने का आदेश दिया और विधाननगर सिटी पुलिस को निर्देश दिया कि उन्हें अगले सोमवार सुबह 10.30 बजे इस अदालत में पेश किया जाये. राज्य के वकील आदेश न दिये जाने की दलील देने लगे. उनके अनुरोध पर कोर्ट ने बताया कि यह आदेश केवल एक शर्त पर वापस लिया जायेगा, अगर वह शुक्रवार को ही दो बजे तक कोर्ट में हाजिर हों. लेकिन विभागीय सचिव शुक्रवार को अदालत में पेश नहीं हुए. अब हाइकोर्ट ने उनको सोमवार को सुबह 10.30 बजे तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >