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कोलकाता के न्यू टाउन में मारे गये गैंगस्टर्स का सामने आया ‘पाकिस्तानी कनेक्शन’

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
पालोनजी सापूरजी आवासन में पुलिस और एसटीएफ की टीम
पालोनजी सापूरजी आवासन में पुलिस और एसटीएफ की टीम
Prabhat Khabar

कोलकाताः कोलकाता के न्यूटाउन स्थित शापूरजी पालोनजी अपार्टमेंट के फ्लैट में बुधवार (9 जून) को एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गये पंजाब के दो इनामी गैंगस्टर जयपाल सिंह भुल्लर व जसप्रीत सिंह का ‘पाकिस्तानी कनेक्शन’ सामने आया है. घटना की जांच में पुुलिस को अपराधियों के कमरे से कुछ ऐसी वस्तुएं मिली हैं, जिससे पता चल रहा है कि दोनों के पाकिस्तानी कनेक्शन भी हैं.

पुलिस सूत्रों का कहना है कि फ्लैट की आलमारी से एक पॉलिथिन बैग मिला है. इस बैग में पाकिस्तान में मौजूद एक कपड़े की दुकान का पता लिखा है. लिखावट उर्दू भाषा में है. बुधवार शाम को चौथे तल्ला पर स्थित 201 नंबर फ्लैट की जांच में पुलिस को पांच अत्याधुनिक हथियार मिले. उनमें एक रिवॉल्वर पर मेड इन पाकिस्तान लिखा हुआ है.

इससे दोनों का पाकिस्तान से कनेक्शन होने का शक गहरा होता जा रहा है. जांच अधिकारियों का कहना है कि कमरे से कुछ ड्रग्स के पैकेट भी मिले हैं. इन तथ्यों के आधार पर उन्हें शक है कि दोनों के तार पाकिस्तान से भी जुड़े हो सकते हैं.

ड्रग्स तस्कर गिरोह से संबंध!

एनकाउंटर के बाद कोलकाता पहुंचे पंजाब पुलिस के एक जांच अधिकारी का कहना है कि पंजाब-पाकिस्तान बॉर्डर व जम्मू-कश्मीर बॉर्डर से ड्रग्स की तस्करी में इस गिरोह के अन्य सदस्यों के जुड़े होने के सबूत पंजाब पुलिस को पहले ही मिल चुके हैं. पंजाब पुलिस इस पर काम भी कर रही है.

कोलकाता के न्यूटाउन में मारे गये इन दोनों आरोपियों का पाकिस्तान में सक्रिय ड्रग्स तस्करों तक कितनी पहुंच थी, इसकी भी वे जांच कर रहे हैं. दोनों गैंगस्टर के पाकिस्तान कनेक्शन पर संदेह को लेकर राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) सूत्रों का कहना है कि पुलिस अपने तरीके से भी इन दोनों के पाकिस्तानी कनेक्शन के बारे में पता लगा रही है. उम्मीद है कि जांच में नयी जानकारी मिलेगी.

फ्लैट से कम ही बाहर निकलते थे गैंगस्टर्स

जांच अधिकारियों ने इस घटना के बाद सापूरजी अपार्टमेंट के विभिन्न फ्लैटों में स्थायी तौर पर रहनेवाले लोगों से गैंगस्टर्स के बारे में पूछताछ की. इस दौरान अधिकतर लोगों ने यही कहा कि फ्लैट में 22 मई से आकर रहने के बाद दोनों ज्यादा कमरे से बाहर नहीं निकलते थे.

एक-दो दिन में कभी कुछ मिनट के लिए वे बाहर निकलते भी थे, तो आसपास के लोगों से नजरें मिलने पर कुछ बोलते भी नहीं थे. वे आपस में ही बातों में उलझे रहते थे. यही वजह है कि किसी को इस बात की भनक तक नहीं मिली कि उनके आसपास इतने बड़े गैंगस्टर रह रहे हैं.

Posted By: Mithilesh Jha

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