बंगाल में विकराल हुआ मानसून, IMD ने जारी किया उत्तर और दक्षिण बंगाल में भारी वर्षा का अलर्ट

Weather Forecast West Bengal: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. उत्तर बंगाल के कई जिलों में भारी वर्षा, भू-स्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका जतायी गयी है. जानें मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी है.

Weather Forecast West Bengal: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र कोलकाता ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में 17 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा. उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भू-स्खलन की आशंका भी जतायी गयी है. मौसम विभाग की ओर से जारी स्पेशल बुलेटिन में पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) की चेतावनी जारी की है.

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ रेखा और बांग्लादेश व उत्तर-पश्चिम बिहार के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) तथा बंगाल की खाड़ी से आ रही तेज नमी के कारण पूरे राज्य में वर्षा में तेजी आयी है. मौसम विभाग ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और चक्रवातीय दबाव के चलते मानसून ने बंगाल में विकराल रूप धारण किया है.

24 घंटों में कहां, कितनी हुई बारिश?

पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल के अधिकांश स्थानों और दक्षिण बंगाल के कुछ हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई.

  • दक्षिण बंगाल (प्रमुख क्षेत्र) : मानकर (पूर्व बर्धमान) में 8 सेमी, आमतला (मुर्शिदाबाद) में 7 सेमी, श्रीनिकेतन (बीरभूम) में 7 सेमी, आसनसोल में 6 सेमी और लालगढ़ (झारग्राम) में 5 सेमी वर्षा दर्ज की गयी.
  • उत्तर बंगाल (प्रमुख क्षेत्र): बालूरघाट (दक्षिण दिनाजपुर), पाटकापाड़ा टी एस्टेट (अलीपुरदुआर) और अमफू माझियान में 3-3 सेमी वर्षा दर्ज की गयी.

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उत्तर बंगाल के लिए 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी

  • 12 जुलाई : जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और कूचबिहार जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा (7 से 20 सेमी) हो सकती है. बाकी जिलों में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) की संभावना है. सभी जिलों में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात का अलर्ट है.
  • 13 और 14 जुलाई : दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, अलीपुरदुआर, उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश (7-11 सेमी) का अनुमान है.
  • 15 से 17 जुलाई : अधिकांश जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश जारी रहेगी, जबकि 17 जुलाई को कलिम्पोंग और अलीपुरदुआर में फिर से भारी बारिश की संभावना है.

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संभावित प्रभाव और खतरे

  1. उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के पहाड़ी क्षेत्रों में भू-स्खलन (Landslides) की आशंका.
  2. निचले इलाकों और अंडरपास में जलजमाव की समस्या आ सकती है.
  3. तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायडाक जैसी मुख्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है.
  4. कच्चे मकानों और फसलों/बागवानी को नुकसान की संभावना.

मौसम विभाग की आम जनता को सलाह

  • गरज-चमक या तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों (पक्के भवनों) में शरण लें.
  • खराब मौसम के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और जल निकायों के पास जाने से बचें.
  • पहाड़ी रास्तों पर यातायात के दौरान सावधानी बरतें.


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लेखक के बारे में

Published by: Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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