भाजपा सत्ता में आयी, तो ‘लव जिहाद’ व ‘लैंड जिहाद’ को समाप्त करेंगे : शमिक

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इस बार के राज्य विधानसभा चुनाव को पहचान, जनसांख्यिकी और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर लड़ी जाने वाली एक व्यापक वैचारिक लड़ाई करार दिया है. उन्होंने कहा कि अगर भाजपा राज्य की सत्ता में आती है, तो वह ‘लव जिहाद’ व ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ कार्रवाई करेगी.

कोलकाता.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इस बार के राज्य विधानसभा चुनाव को पहचान, जनसांख्यिकी और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर लड़ी जाने वाली एक व्यापक वैचारिक लड़ाई करार दिया है. उन्होंने कहा कि अगर भाजपा राज्य की सत्ता में आती है, तो वह ‘लव जिहाद’ व ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ कार्रवाई करेगी. भले ही ऐसा करने पर उसे सांप्रदायिक करार दिया जाये. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि इस महीने होने वाला चुनाव केवल भाजपा व सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि बंगाली हिंदुओं के अस्तित्व और साथ ही राष्ट्रवादी, तार्किक विचारों वाले मुसलमानों के लिए एक निर्णायक सभ्यतागत लड़ाई है. भाजपा नेता ने अपनी पार्टी की राजनीतिक रणनीति को बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रमों, पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों की बदलती जनसांख्यिकी, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया और तृणमूल कांग्रेस की ‘अल्पसंख्यक तुष्टीकरण’ की नीति से जोड़ा.

श्री भट्टाचार्य ने कथित जनसांख्यिकीय बदलाव को ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ से जोड़ा. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि लव जिहाद के साथ-साथ ‘लैंड जिहाद’ भी शुरू हो गया है. बांग्लादेशी आदिवासी लड़कियों से शादी कर उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद को आधार बनाकर बांग्लादेशी घुसपैठिये अलग-अलग जगहों पर फैल चुके हैं. हम राज्य में ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ को समाप्त करेंगे.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने विभिन्न घटनाओं की एक शृंखला को एक साथ जोड़कर घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव का एक व्यापक राजनीतिक विमर्श पेश करने का प्रयास किया.

उन्होंने कहा : अगर हमारी कही हर बात गलत है, तो एसआइआर प्रक्रिया शुरू होते ही नोएडा और गुरुग्राम अचानक रातोंरात खाली क्यों हो गये? लोग अचानक घरेलू सहायक क्यों नहीं ढूंढ़ पा रहे हैं? उन्होंने राजारहाट और साॅल्टलेक के पास एक झुग्गी बस्ती में हाल ही में लगी आग का भी जिक्र किया, और सुझाव दिया कि इससे एक व्यापक प्रवृत्ति का पता चलता है. उन्होंने कहा कि राजारहाट के पास झुग्गी बस्ती में लगी आग का मामला लीजिये. आग लगने के बाद कितने ही लोग लापता हो गये. वे कहां गये? वे क्यों गये? श्री भट्टाचार्य ने हालांकि कहा कि यह मुद्दा हिंदू-मुस्लिम राजनीति से परे है और उनके शब्दों में, यह चरमपंथ के खिलाफ वैश्विक संघर्ष का हिस्सा है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस्लामी देशों में भी संघर्ष होता है. इसलिए, आज असली धर्म लोकतंत्र है और असली राजनीति उग्रवाद और चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई है. उन्होंने कहा कि हम जो कुछ भी कह रहे हैं, वह सबके सामने है. लेकिन जब भी हम इसे संसद में उठाते हैं, किसी के पास कोई जवाब नहीं होता. हम इसे उठाते रहेंगे. हमें इस बात की परवाह नहीं है कि दूसरे हमारे बारे में क्या कहते हैं.

एसआइआर का उद्देश्य त्रुटिमुक्त और सही मतदाता सूची तैयार करना

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से जब पूछा गया कि एसआइआर प्रक्रिया से पार्टी को फायदा होगा या नुकसान, तो उन्होंने कहा कि देश सर्वोपरि है. हम जीतें या हारें, यह बड़ा मुद्दा नहीं है. एसआइआर का उद्देश्य त्रुटिमुक्त और सही मतदाता सूची तैयार करना है. यही इसका उद्देश्य है और इसे हासिल किया जायेगा.

भाजपा भारतीय सीमा से लगे बांग्लादेश के जिलों में जमात-ए-इस्लामी के चुनावी प्रदर्शन से चिंितत

शमिक भट्टाचार्य ने बांग्लादेश में राजनीतिक घटनाक्रम और पश्चिम बंगाल की स्थिति की तुलना करते हुए कहा : बांग्लादेश में हमने जो कट्टरता देखी है, उसके कारण हिंदुओं की हत्याएं हुईं. हिंदू महिलाओं का अपहरण कर उनका धर्मांतरण कराया गया, लेकिन सुन्नी मुसलमानों की भी हत्याएं हुईं. पार्टी पर सांप्रदायिक राजनीति करने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि हमें सांप्रदायिक कहने दें, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. पश्चिम बंगाल में ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ कौन कर रहा है? उन्हाेंने कहा कि लव जिहाद का अभिप्राय है कि कोई व्यक्ति खुद को हिंदू बताकर, किसी लड़की के साथ रिश्ता बनाता है और तभी अपना धर्म प्रकट करता है, जब वह लड़की भी उसमें शामिल हो जाती है. भाजपा नेता ने दावा किया कि भारत की सीमा से लगे बांग्लादेश के जिलों में जमात-ए-इस्लामी के हालिया चुनावी प्रदर्शन ने भाजपा की चिंताओं को और मजबूत किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह चिंताजनक और खतरनाक है. हमारे सभी सीमावर्ती जिलों की जनसंख्यिकी बदल गयी है. पश्चिम बंगाल को आधार बनाकर, उसकी भूमि का उपयोग पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के वन क्षेत्रों की जनसांख्यिकी को बदलने के लिए किया गया है.

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Author: BIJAY KUMAR

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