मुख्य बातें
Suvendu Adhikari: कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान विभिन्न केंद्रीय और राज्य परियोजनाओं में हुए धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है. शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में गठित नयी सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक सोमवार को पांच एजेंटों को मंजूरी दी गयी. इसमें इस आयोग के गठन का निर्णय भी लिया गया. साथ ही, राज्य सरकार ने एक अन्य आयोग का भी गठन किया है. पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हुए अत्याचारों की जांच के लिए दूसरे आयोग का गठन किया गया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नबन्ना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन दोनों आयोगों के गठन की घोषणा की.
आईपीएस दमयंती सेन को जांच का जिम्मा
महिलाओं और बच्चों पर हुए अत्याचारों की जांच के लिए गठित आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संपथ चटर्जी कर रहे हैं. आईपीएस दमयंती सेन को इस आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है. यह आयोग पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं पर हुए अत्याचारों की घटनाओं की जांच करेगा और फिर कार्रवाई करेगा. भाजपा समेत विपक्ष ने पूर्व तृणमूल सरकार पर समय-समय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न परियोजनाओं में संस्थागत भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. इस बार नई सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है.
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आईपीएस जयरामन करेंगे जांच
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि केंद्र और राज्य की सामाजिक परियोजनाओं में संस्थागत धोखाधड़ी की जांच की जाएगी. सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बिश्वजीत बसु के नेतृत्व में आईपीएस जयरामन इस आयोग में जांच का जिम्मा संभालेंगे. केंद्र की सिफारिशों की भी जांच की जाएगी. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मंत्रिमंडल की अनुमति से दोनों आयोग अगले 1 तारीख से काम शुरू कर देंगे. सरकार का स्पष्ट मानना है कि पिछली सरकार में हुई तमाम गड़बड़ियों की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जायेगी.
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