संवाददाता, कोलकाता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मध्य कोलकाता स्थित उस होटल का दौरा किया, जहां मंगलवार रात भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गयी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जायेगा. ममता बनर्जी दीघा में जगन्नाथ धाम के स्थापना उत्सव में शामिल होने के बाद गुरुवार को महानगर लौटने के बाद सीधे बड़ाबाजार के मछुआ फलपट्टी इलाके में स्थित रितुराज होटल पहुंचीं, जहां आग लगी थी.
उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा नियमों की अवहेलना करने वाले प्रतिष्ठानों पर निगरानी रखने और उनका पता लगाने के लिए पुलिस, प्रशासन तथा अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की विशेष समितियां बनायी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि यह टीम शहरों में और जिला मुख्यालयों में निजी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण करेगी. नियमों के उल्लंघन के मामले में दोषी पाये गये मालिकों पर ही नहीं, बल्कि प्रशासन में वे लोग भी सजा के दायरे में आयेंगे जो अपर्याप्त अग्नि सुरक्षा वाली इमारतों को एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) देने के दोषी पाये जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि समितियां रिपोर्ट तैयार करेंगी और अगले 15 दिन में मेरे कार्यालय में जमा करेंगी.
इस दौरान ममता बनर्जी के साथ कोलकाता के पुलिस आयुक्त मनोज कुमार वर्मा और राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री सुजीत बोस तथा डॉ शशि पांजा भी थे. ममता बनर्जी ने संवाददाताओं को बताया कि होटल को सील कर दिया गया है और इसके मालिक तथा प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि यह होटल 1989 से चल रहा है. यह एक पुरानी संपत्ति है और इसके हाइड्रेंट सूखे थे. लोग जलने से नहीं, बल्कि धुएं से दम घुटने से मौत हुई है. धुआं निकलने के लिए वहां सिर्फ एक सीढ़ी थी, बाकी धुआं निकलनेवाली जगह बंद पड़ी थी.
दुर्घटना स्थल के पास क्षतिग्रस्त इमारतों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने उनमें रहने वालों से आग्रह किया कि अस्थायी तौर पर सुरक्षित जगहों पर जाकर बस जाएं और इस बीच इन भवनों की मरम्मत कराएं.
ममता बनर्जी ने कहा कि कानूनी विवाद होने या न होने के बावजूद, इन जर्जर इमारतों के मालिकों और किराएदारों को एक साथ बैठकर अपनी इमारतों की मरम्मत के बारे में फैसला करना चाहिए. शहर की पुलिस और कोलकाता नगर निगम इस काम में उनकी मदद करेंगे.
लोगों की सुरक्षा और जान-माल की हिफाजत सबसे ऊपर है. आपको जीना चाहिए और जीने देना चाहिए. उन्होंने कहा कि भवन मालिकों को केवल अपनी संपत्तियों से पैसा कमाने में दिलचस्पी है और उनमें से अधिकतर को उन इमारतों में रहने वाले और काम करने वालों की जान की चिंता नहीं है.
मुख्यमंत्री ने बाजारों में दुकान और प्रतिष्ठान मालिकों से प्लास्टिक तथा रसायन जैसे ज्वलनशील पदार्थ जमा करने से बचने को कहा. उन्होंने कहा कि आग जलाना आसान है, लेकिन उसे बुझाना बहुत ज्यादा मुश्किल है. आग से मत खेलिए. ममता बनर्जी ने लोगों से कहा, ‘मैं जो भी कह रही हूं, अगर आपको पसंद नहीं है तो मुझे वोट मत दीजिए, लेकिन पहले अपनी जान बचाइए.’
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