””सिर्फ राजनीति के लिए एसआइआर का विरोध कर रहीं कुछ पार्टियां””

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने शनिवार को कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) केंद्र द्वारा नहीं किया जा रहा है, बल्कि यह पूरी तरह से निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में है. केंद्रीय मत्स्य पालन व पशुपालन मंत्री श्री सिंह ने कुछ राजनीतिक दलों पर अपने फायदे के लिए इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का भी आरोप लगाया.

कोलकाता.

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने शनिवार को कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) केंद्र द्वारा नहीं किया जा रहा है, बल्कि यह पूरी तरह से निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में है. केंद्रीय मत्स्य पालन व पशुपालन मंत्री श्री सिंह ने कुछ राजनीतिक दलों पर अपने फायदे के लिए इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का भी आरोप लगाया. पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के मत्स्य अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यहां पत्रकारों से बात करते हुए श्री सिंह ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासियों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में इस प्रकार की घटना नहीं हो रही है. वहीं, एसआइआर के संबंध में पूछे जाने पर श्री सिंह ने कहा : मतदाता सूची की एसआइआर केंद्र सरकार द्वारा शुरू नहीं की गयी है. यह निर्वाचन आयोग द्वारा किया जा रहा है. इस प्रक्रिया से केंद्र सरकार का कोई लेना-देना नहीं है. ऐसा नहीं है कि यह देश में पहली बार हो रहा है. इससे पहले भी देश में एसआइअर लागू की जा चुकी है. श्री सिंह ने कहा कि निर्वाचन आयोग केवल यह सत्यापित कर रहा है कि इस देश के असली नागरिक कौन हैं. क्या आपको नहीं लगता कि जो लोग मर चुके हैं या देश से बाहर जा चुके हैं, उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाने चाहिए? उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से कुछ विपक्षी दल मृतकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने में रुचि रखते हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, निर्वाचन आयोग ने किसी व्यक्ति को नागरिकता साबित करने के लिए 11 विकल्प दिये हैं.

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Published by: Bijay kumar

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