मुख्य बातें
SIR in Bengal : कोलकाता: बंगाल में चल रहे SIR के बीच राज्य सरकार ने तीन रोल ऑब्जर्वरों का तबादला कर दिया है. इन तीन तबादलों से चुनाव आयोग नाराज है. चुनाव आयोग ने सरकार को पत्र लिखकर इसका कारण पूछा है. इसको लेकर नवन्ना और चुनाव आयोग के बीच विवाद बढ़ गया है. चुनाव आयोग को बिना बताए तीन मतदाता सूची पर्यवेक्षकों का तबादला क्यों किया गया. चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पत्र लिखकर यह सवाल उठाया है. चुनाव आयोग ने पत्र में कहा है कि इन तबादलों को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए. स्थिति रिपोर्ट बुधवार दोपहर 3 बजे तक जमा करनी है.
तबादले पर आयोग लगा रखा है रोक
समय सीमा के साथ आयोग ने एक सख्त पत्र जारी किया है. आयोग ने पत्र में लिखा है कि 27 अक्टूबर, 2025 के निर्देश के अनुसार मतदाता सूची की विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया के दौरान, आयोग की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी संबंधित अधिकारी का तबादला नहीं किया जा सकता है. इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा मुख्य सचिव को सौंपा गया था. हालांकि, राज्य सरकार ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी कर तीन मतदाता सूची पर्यवेक्षकों का तबादला कर दिया है, जो बिल्कुल भी सही नहीं है.
इन अधिकारियों का हुआ तबादला
स्मिता पांडे (आईएएस) — पश्चिम बर्दवान, पूर्वी बर्दवान और बीरभूम
अश्विनी कुमार यादव (आईएएस) — उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर
रणधीर कुमार (आईएएस) — उत्तर 24 परगना और उत्तर कोलकाता
नबन्ना और आयोग के बीच टकरार
इन तीनों के तबादलों के मामले में, राज्य ने बिना किसी पूर्व अनुमति के इनका तबादला किया है, जो आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है. इसीलिए मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया है. आयोग ने नबन्ना को स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया है कि बुधवार दोपहर तक जवाब देना अनिवार्य है. इस मामले को लेकर एक बार फिर नबन्ना और चुनाव आयोग एक दूसरे के आमने-सामने हो गये हैं.
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