मुख्य बातें
Scam in Bengal: कोलकाता. कोलकाता पुलिस के पूर्व उपायुक्त (डीसीपी) रहे शांतनु सिन्हा विश्वास की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू से जुड़े कथित रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े धनशोधन, जमीन कब्जा, धमकी, वसूली और धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तारी के बाद अब अलीपुर बॉडीगार्ड लाइंस स्थित को-ऑपरेटिव बैंक में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी सामने आये हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उक्त मामले में विश्वास की भूमिका भी खंगालने में जुटी है.
संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की आशंका
ईडी सूत्रों के मुताबिक, आरोप है कि प्रभाव का इस्तेमाल कर कई पुलिसकर्मियों और संबंधित लोगों से एक विशेष सहकारी बैंक में खाते खुलवाये गये. बाद में उन्हीं खातों के जरिये संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और पैसों की हेराफेरी की आशंका जतायी गयी है. हालांकि, जांच अभी जारी है और एजेंसी आधिकारिक तौर पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और उसकी ओर से फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार किया गया है. बताया जा रहा है कि ईडी द्वारा अलीपुर बॉडीगार्ड लाइंस के इस सहकारी बैंक से जुड़े कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से जानकारी जुटायी जा रही है. बैंक खातों के दस्तावेज, लेनदेन के रिकॉर्ड और संबंधित कागजात की जांच की जा रही है. इडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित लेनदेन में कौन-कौन लोग शामिल थे और पैसों का इस्तेमाल कहां किया गया.
लंबी पूछताछ के बाद विश्वास को गिरफ्तार
ईडी ने 14 मई को लंबी पूछताछ के बाद विश्वास को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी सोना पप्पू से जुड़े कथित वसूली और धोखाधड़ी मामले में हुई थी. ईडी का आरोप है कि विश्वास को कई बार समन भेजा गया था, लेकिन वह पहले पेश नहीं हुए. बाद में सॉल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित इडी कार्यालय पहुंचने पर उनसे करीब साढ़े 10 घंटे तक पूछताछ की गयी और उसके बाद गिरफ्तार कर लिया गया. विश्वास पर आरोप है कि पूछताछ के दौरान वह कई सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं और जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. शांतनु सिन्हा विश्वास की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
विश्वास को तीन अलग-अलग मामलों में नोटिस
जांच एजेंसी के मुताबिक, विश्वास को तीन अलग-अलग मामलों में नोटिस भेजे गये थे. इनमें सोना पप्पू से जुड़ा कथित वसूली और धोखाधड़ी मामला, एनआरआई कोटे से मेडिकल एडमिशन से जुड़ी जांच और कथित अवैध बालू कारोबार से जुड़ा मामला शामिल है. फिलहाल उनकी गिरफ्तारी सोना पप्पू मामले में हुई है. बताया जा रहा है कि जांच के दौरान गिरफ्तार कारोबारी जय एस कामदार से जुड़े कुछ दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड में विश्वास को लेकर कुछ तथ्य मिले हैं. इन्हीं के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ायी जा रही है.
पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
संगठित नेटवर्क का इस्तेमाल
एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या कथित जमीन कब्जा, अवैध निर्माण या वित्तीय लेनदेन से जुड़े किसी संगठित नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था. इसके अलावा जांच में महंगी घड़ियों और कथित उपहारों का मुद्दा भी सामने आया है. इडी की छापेमारी के दौरान विश्वास को कामदार द्वारा दिये गये कुछ महंगी घड़ियों की जानकारी मिली है. एजेंसी यह जांच कर रही है कि ये उपहार किन परिस्थितियों में दिये गये और क्या उनका किसी कथित आर्थिक लेनदेन से संबंध है. इडी आने वाले दिनों में और लोगों से पूछताछ कर सकती है. फिलहाल एजेंसी बैंक रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और अन्य दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है.
Also Read: बंगाल में औद्योगिकीकरण के लिए तैयार हो रहा ब्लूप्रिंट, अशोक लाहिड़ी ने शुरू किया काम
