बारुईपुर कांड : शुभेंदु अधिकारी ने डीजीपी से 72 घंटे में मांगी रिपोर्ट, कहा- कट्टरपंथी और देश विरोधी ताकतों ने भड़कायी हिंसा

Baruipur Violence Case: दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में कथित दुष्कर्म-हत्या मामले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ा रुख अपना लिया है. उन्होंने पुलिस महानिदेशक से 72 घंटे में रिपोर्ट मांगी है. सीएम ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा. मॉब लिंचिंक का शिकार हुए युवक को भी न्याय मिलेगा.

Baruipur Violence Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता को बारुईपुर में 11 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया. शुभेंदु ने कहा कि घटना के बाद मॉब लिंचिंग (भीड़ के द्वारा पीट-पीटकर हत्या) का शिकार हुआ युवक बेकसूर था.

तोड़फोड़ करने वाले 200 लोगों की हुई पहचान

चीफ मिनिस्टर ने कहा कि रविवार को पीड़िता का शव मिलने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करने और पुलिस वाहन तथा रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

लापरवाही करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद शुभेंदु ने संवाददाताओं से कहा- हमने पूरे मामले की जांच की है. मैंने शुरुआती विश्लेषण किया है. डीजीपी को 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है. हम उसी के आधार पर सख्त कार्रवाई करेंगे. अगर शिकायत दर्ज होने के बाद उचित कदम उठाने में कोई देरी या लापरवाही हुई है, भले ही वह एक प्रतिशत ही क्यों न हो, तो कार्रवाई की जायेगी.

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सीएम ने मॉब लिंचिंक के शिकार इंद्रजीत को बताया बेकसूर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा- मॉब लिंचिंग के शिकार हुए इंद्रजीत मंडल बेकसूर थे. पुलिस ने मुझे यही बताया. ये मेरे शब्द नहीं हैं. मंडल को भी न्याय मिलेगा. मैंने उनके परिवार वालों से भी मुलाकात की है. शुभेंदु ने कहा कि बारुईपुर दुष्कर्म-हत्याकांड की पीड़िता के परिजन पुलिस जांच की प्रगति से संतुष्ट हैं.

हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ पुलिस ने जुटाये सबूत : अधिकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल करीब 200 लोगों की पहचान की गयी है. इन सभी लोगों को गिरफ्तार किया जायेगा. किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा. शुभेंदु ने विपक्षी दलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जांचकर्ताओं ने हिंसा भड़काने वाले लोगों के खिलाफ सबूत जुटाये हैं.

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हिंसा के पीछे कट्टरपंथी और देश विरोधी ताकतें : सीएम

चीफ मिनिस्टर ने कहा- जिन लोगों ने पर्दे के पीछे से उकसाया है, उनमें हालिया (विधानसभा) चुनावों में जनता की ओर से नकारे गये नेता, शून्य से एक सीट हासिल करने वाले और कुछ कट्टरपंथी व देश-विरोधी ताकतें शामिल हैं. उनकी पहचान कर ली गयी है. एसटीएफ ने उनकी (कट्टरपंथी और देश-विरोधी तत्व) कॉल रिकॉर्डिंग जुटा ली है. सरकार उन्हें कड़ा सबक सिखायेगी. शुभेंदु ने कहा कि सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए लोगों को उकसाने वालों को भी बख्शा नहीं जायेगा.

सुरजापुर में पुलिस चौकी बनाने की मांग

मुख्यमंत्री ने बताया कि पीड़िता के परिजन ने सुरजापुर में पुलिस चौकी बनाने की मांग की है. वह अगले हफ्ते जब दोबारा बारुईपुर जायेंगे, तो उनकी मांग पूरी करेंगे. पुलिस चौकी का उद्घाटन करेंगे. शुभेंदु ने कहा- मुआवजे और मदद के बारे में परिवार के सदस्यों ने मुझे कुछ सुझाव दिये हैं. मैं एक हफ्ते के भीतर दोनों परिवारों (पीड़िता और मंडल के परिवार) से मिलूंगा और फिर घोषणा करूंगा.

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सीएम ने एनसीपीआई नेताओं को घटना की जानकारी दी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) की नेता एवं सांसद सायोनी घोष, राज्य विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं तृणमूल कांग्रेस के विधायक बिमान बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 3 विधायकों से घटना के सिलसिले में बात की. उन्हें जांच में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी.

कानून को सख्ती से लागू करने का पुलिस अफसरों को निर्देश

शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि उन्होंने राज्यभर के पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक की. उन्हें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों, सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम व बाल अधिकार रूपरेखा के तहत कानूनी नियमों को सख्ती से लागू करके यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

बेगुनाह की हत्या करने वालों पर चलेगा हत्या का मुकदमा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडल की हत्या में शामिल लोगों पर हत्या का आरोप लगाया जायेगा. उन्होंने कहा- जो लोग एक बेगुनाह व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या में शामिल हैं, उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जायेगा. पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि दिनभर गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये.


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By Mithilesh Jha

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