कोलकाता/चालसा. मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि धर्म के आधार पर लोगों के बीच कोई विभाजन नहीं होना चाहिए और उनकी सरकार की योजनाएं सभी धर्मों के लोगों के लिए हैं. उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के चालसा स्थित एक चर्च परिसर में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह मानवता और भाईचारे में विश्वास करती हैं, जो हर धर्म का मूल संदेश है. हालांकि, उन्होंने किसी पार्टी या व्यक्ति का नाम नहीं लिया.मुख्यमंत्री इस दिन कोलकाता से आने के बाद सीधे सेंट लूसी चर्च गयीं, बिशप और अन्य धर्मगुरुओं से मिलीं और परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम देखा व फिर चर्च के अंदर प्रार्थना की. इस दौरान उन्होंने कहा : हम सभी त्योहार एक साथ मनाते हैं. हम लोगों के बीच कोई विभाजन पैदा नहीं करते. हमारा आदर्श वाक्य है धर्म व्यक्तिगत है, त्योहार सार्वभौमिक हैं. हम ‘जियो और जीने दो’ में विश्वास रखते हैं. क्रिसमस न केवल ईसाई समुदाय के सदस्यों के लिए, बल्कि अन्य धर्मों के लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण त्योहार है और यह बंगाल की समावेशी संस्कृति और परंपरा को दर्शाता है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश के कई हिस्सों में 25 दिसंबर को छुट्टी नहीं मनायी जाती, जबकि पश्चिम बंगाल में यह हमेशा से छुट्टी का दिन रहा है.
उन्होंने कहा : हमारी सरकार ””””””””जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा”””””””” के आदर्श वाक्य का उदाहरण है. सरकार की 100 सामाजिक कल्याणकारी पहलों का उद्देश्य सभी तक पहुंचना है. मुख्यमंत्री विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए उत्तर बंगाल आयी हैं. वह बुधवार को मयनागुड़ी के टाउनक्लब मैदान में सभा को संबोधित करेंगी. इसी दिन डाबग्राम-फूलबाड़ी और माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्रों में भी सभा को संबोधित करेंगी. अगले दिन यानी गुरुवार को उनका दक्षिण बंगाल के अंडाल में प्रचार कार्यक्रम है.
