कोलकाता से अखिलेष कुमार सिंह की रिपोर्ट
Darjeeling : पश्चिम बंगाल में हाल में नयी भाजपा सरकार बनने के बाद दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र, तराई और डुआर्स से जुड़े लंबे समय से लंबित राजनीतिक एवं संवैधानिक मुद्दों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. गुरुवार को राज्य सचिवालय नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गयी, जिसमें केंद्र सरकार के प्रतिनिधि एवं क्षेत्र के लिए नियुक्त वार्ताकार पंकज कुमार सिंह (पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) ने भी भाग लिया.
मुख्य बातें
- राज्य सचिवालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक, केंद्र के वार्ताकार पंकज कुमार सिंह और दार्जिलिंग के सांसद भी रहे मौजूद
- मुख्यमंत्री ने कहा : राज्य सरकार क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभायेगी
यह एक औपचारिक बैठक थी
बताया गया कि दार्जिलिंग मुद्दे के समाधान को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के बीच यह पहली औपचारिक बैठक थी. बैठक में राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल, गृह व पर्वतीय मामलों की सचिव संघमित्रा घोष, डीजीपी सिद्धिनाथ गुप्ता, मुख्यमंत्री के सलाहकार सुब्रत गुप्ता व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. इसके अलावा बैठक में दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिष्ट भी मौजूद थे. सांसद राजू बिष्ट ने एक्स पर एक पोस्ट कर बताया कि बैठक में दार्जिलिंग, तराई और डुआर्स क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और संवैधानिक समाधान खोजने पर चर्चा हुई.
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इस मुद्दे का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बैठक में आश्वासन दिया कि राज्य सरकार वार्ता प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग करेगी और क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के समाधान के लिए संवैधानिक रास्ता खोजने में सक्रिय भूमिका निभायेगी. उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के सहयोग से बातचीत को गति दी जायेगी और जल्द सकारात्मक परिणाम सामने लाने का प्रयास होगा. सांसद राजू बिष्ट ने इस बैठक के बाद दार्जिलिंग, तराई और डुआर्स क्षेत्र के लोगों की ओर से इस पहल का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दिये जाने से क्षेत्र के लोगों में नयी उम्मीद जगी है.
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