पुणे में प्रवासी श्रमिक सुखेन महतो की हत्या से पुरुलिया में भारी आक्रोश
महाराष्ट्र के पुणे के सिकड़ापुर थाना क्षेत्र में पुरुलिया के बड़ाबाजार प्रखंड अंचल के बांधडी गांव के निवासी श्रमिक सुखेन महतो (30) का खून से सना शव बरामद होने के बाद जिले में शोक व आक्रोश का माहौल है.
पुणे में प्रवासी श्रमिक सुखेन महतो की हत्या से पुरुलिया में भारी आक्रोश
प्रतिनिधि, पुरुलिया
महाराष्ट्र के पुणे के सिकड़ापुर थाना क्षेत्र में पुरुलिया के बड़ाबाजार प्रखंड अंचल के बांधडी गांव के निवासी श्रमिक सुखेन महतो (30) का खून से सना शव बरामद होने के बाद जिले में शोक व आक्रोश का माहौल है. परिवार व तृणमूल कांग्रेस ने इसे भाषाई आधार पर सुनियोजित हत्या बताते हुए दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने की मांग की है.
तीन साल पहले काम की तलाश में गया था पुणे: अर्थाभाव के कारण सुखेन महतो करीब तीन वर्ष पहले अपने बड़े भाई तुलसीराम महतो व छोटे भाई देवाशीष महतो के साथ पुणे के सिकड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित एक निजी मोटर पार्ट्स फैक्टरी में काम करने गया था. नौ फरवरी को फैक्टरी जाते समय वह लापता हो गया. अगले दिन भी घर नहीं लौटने पर बड़े भाई ने खोजबीन शुरू की. बाद में पुलिस से सूचना मिली कि सुखेन का रक्तरंजित शव बरामद हुआ है. पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में शरीर पर कई गहरे चोट के निशान पाये गये हैं. अधिक रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया है. पुणे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है.
भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में उद्योगों की कमी से युवाओं को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है. प्रशासनिक अधिकारी गांव में स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं.
बांग्ला भाषा बोलने के कारण की गयी हत्या : ममता
कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि 24 वर्षीय एक प्रवासी मजदूर की महाराष्ट्र में बांग्ला भाषा बोलने के कारण हत्या कर दी गयी. उन्होंने इसे घृणा अपराध करार दिया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा: मैं पुरुलिया के रहने वाले सुखेन महतो की महाराष्ट्र के पुणे में बर्बर हत्या से स्तब्ध, क्रोधित और बेहद दुखी हूं. वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था. यह घृणा अपराध से कम नहीं है. एक युवक को उसकी भाषा, उसकी पहचान, उसकी जड़ों के कारण निशाना बनाया गया, प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या कर दी गयी. मुख्यमंत्री ने कहा: यह उस माहौल का सीधा परिणाम है जिसमें बाहरी लोगों के प्रति नफरत को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाता है. उन्होंने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर दंड दिये जाने की मांग की. उन्होंने कहा: सुखेन के परिवार से मैं कहना चाहती हूं कि इस असहनीय दुख की घड़ी में पश्चिम बंगाल आपके साथ है. न्याय दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी.
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