बंगाल का मतुआ मेला : 33 अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था, ठाकुरनगर पहुंचे 60 हजार श्रद्धालु

Matua Mela in Bengal: पश्चिम बंगाल के मतुआ संप्रदाय के लोगों का यह सबसे प्रमुख वार्षिक पर्व है. इसे स्थानीय लोगों के बीच मतुआ धर्म महामेला भी कहा जाता है. इस मौके पर श्रद्धालु पवित्र स्नान और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेते हैं.

Matua Mela in Bengal: कोलकाता. उत्तर 24 परगना के ठाकुरनगर में आयोजित मतुआ मेला इस साल भी आस्था और उत्साह के साथ संपन्न हुआ. मतुआ समुदाय की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत से जुड़े इस मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया. यह मेला मतुआ समुदाय के संस्थापक श्रीश्री हरिचंद ठाकुर की जयंती पर हर वर्ष मार्च में आयोजित किया जाता है. इसे मतुआ धर्म महामेला भी कहा जाता है, जहां श्रद्धालु पवित्र स्नान और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेते हैं.

60 हजार श्रद्धालु ठाकुरनगर पहुंचे

इस वर्ष मेले के दौरान पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने बेहतर प्रबंधन के साथ 33 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया. इनमें पांच अतिरिक्त मेल एक्सप्रेस और 28 इएमयू ट्रेनें शामिल थीं. इन ट्रेनों के जरिये राज्य के विभिन्न हिस्सों से करीब 60 हजार श्रद्धालु ठाकुरनगर पहुंचे. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सियालदह मंडल के स्टेशनों पर विशेष इंतजाम किये गये थे. ठाकुरनगर स्टेशन पर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग टिकट काउंटर खोले गये थे. साथ ही आम यात्रियों के लिए भी अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था रही.

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सुरक्षा और मेडिकल व्यवस्था चाक-चौबंद

यात्रियों की सहायता के लिए आधुनिक हैंडहेल्ड सिस्टम का उपयोग किया गया था. स्टेशनों पर लगातार बिजली आपूर्ति और बेहतर रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी थी. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल बूथ स्थापित किये गये थे. साथ ही पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये थे, जिससे श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मेले में शामिल हो सकें. मेले में आये श्रद्धलुओं ने राज्य प्रशासन की ओर से किये गये इंतेजाम पर कहा कि सरकार ने इस बार पहले से बेहतर काम किया है.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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