मॉब लिंचिंग. 10-10 हजार जुर्माने के साथ कोर्ट ने दी कड़ी सजा भी
बैरकपुर कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाददाता, बैरकपुर उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी इलाके में 25 सितंबर, 2014 को हुई मॉब लिंचिंग के एक मामले में पानीहाटी नगरपालिका के तृणमूल पार्षद तारक गुहा समेत पांच लोगों को बैरकपुर कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी. साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. पांचों दोषियों के नाम तृणमूल पार्षद तारक गुहा, नेपाल गुहा, जयदेव मुखर्जी, श्यामल दास और हरिपद सरकार हैं. इस मामले में तीन लोगों को बरी कर दिया गया है. इनके नाम मल्लिका दे, नव चक्रवर्ती और बी दास हैं. मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि पार्षद बनने के बाद तारक गुहा और उसके सहयोगी उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव डाल रहे थे. 16 लाख रुपये की पेशकश कर तारक और उनके परिजन नेपाल गुहा का नाम हटाने की बात कही गयी थी.हत्या के आरोप के बावजूद पार्टी ने दिया था टिकट :
25 सितंबर 2014 को पानीहाटी के गांधीनगर इलाके में शंभू चक्रवर्ती नामक शख्स की चोर होने के संदेह में पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में पार्षद तारक गुहा समेत 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था. पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि दो अब भी फरार हैं. कोर्ट ने पांच लोगों को दोषी ठहराया और तीन को रिहा कर दिया है. हत्या के मामले में लिप्त होने के बावजूद तृणमूल नेता तारक गुहा को 2022 में पार्टी ने पानीहाटी के 11 नंबर वार्ड से टिकट दिया था और वह जीत कर पार्षद भी बने थे.पीड़ित परिवार को दी जा रही थीं धमकियां
वहीं, बैरकपुर कोर्ट के फैसले पर मृतक शंभू चक्रवर्ती की पत्नी ज्योत्सना चक्रवर्ती ने संतोष जताया है. उनका कहना है कि तारक गुहा पार्षद बनने के बाद से ही परिजनों को लगातार धमकियां दे रहे थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
