आरजी कर अस्पताल की लिफ्ट में मौत पर बवाल, शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी सरकार पर वार

Kolkata RG Kar Hospital Lift Death: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट में फंसने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गयी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के आंतरिक अंगों के फटने और हड्डियां टूटने की पुष्टि हुई है. बंगाल चुनाव 2026 से पहले भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर सरकारी अस्पताल में लापरवाही और ‘हत्या’ के आरोप लगाये हैं. पुलिस का होमिसाइड सेल मामले की जांच कर रहा है.

Kolkata RG Kar Hospital Lift Death: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आयी है. इसने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिये हैं. उत्तर कोलकाता के प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल आरजी कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Medical College) में शुक्रवार को यह घटना हुई. हादसा उस वक्त हुआ, जब मृतक अपने 4 साल के बेटे के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था.

विपक्ष ने प्रशासनिक हत्या करार दिया

विधानसभा चुनाव 2026 की दहलीज पर खड़े बंगाल में इस घटना पर राजनीति शुरू हो गयी है. विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर ‘प्रशासनिक हत्या’ करार देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और स्वास्थ्य विभाग को आड़े हाथों लिया है.

मासूम बेटे के सामने पिता ने तोड़ा दम

प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक के परिजनों ने बताया कि अस्पताल की एक लिफ्ट में मरम्मत का काम चल रहा था. वहां न तो कोई सुरक्षा घेरा था, न ही कोई ऑपरेटर तैनात था. जैसे ही व्यक्ति लिफ्ट के पास पहुंचा, वह अचानक तकनीकी खराबी का शिकार होकर उसमें फंस गया. अस्पताल प्रशासन ने उसे लहूलुहान हालत में बाहर निकाला. उसकी नाक से तेजी से खून निकल रहा था. आनन-फानन में उसे इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया न जा सका. जिस वक्त घटना हुई, मृतक की पत्नी ट्रॉमा केयर यूनिट में थी और वह खुद अपने बच्चे की मदद के लिए वहां आया था.

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

कोलकाता पुलिस ने जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट साझा की है, वह इस हादसे की भयावहता को बयां करती है. रिपोर्ट के अनुसार, मौत का कारण पॉलीट्रॉमा (Polytrauma) है. लिफ्ट के दबाव के कारण मृतक के सीने, हृदय, फेफड़ों और लिवर पर गंभीर चोटें आयीं और शरीर के आंतरिक अंग फट गये. इसके अलावा उसके हाथ, पैर और पसलियों की कई हड्डियां टूटी पायी गयीं. पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच अब जासूसी विभाग के होमिसाइड सेल (हत्या प्रकोष्ठ) को सौंप दी है.

दुर्घटना नहीं, सोची-समझी हत्या है : शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला है. पूर्व मेदिनीपुर में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा- मेरे पास पुख्ता दस्तावेज हैं कि लिफ्ट की मरम्मत में लापरवाही बरती गयी. यह जान-बूझकर की गयी हत्या है. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (जो स्वास्थ्य मंत्री भी हैं) और स्वास्थ्य सचिव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के अस्पतालों का बुनियादी ढांचा भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है.

मृतक के घर पहुंचे कांग्रेस नेता

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर सरकार के निर्देश पर उत्तर 24 परगना जिला कांग्रेस के जिला अध्यक्ष तापस मजूमदार ने शनिवार को मृतक के परिजनों से मुलाकात की. उनके प्रति संवेदना व्यक्त की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया.

प्रशासन ने मानी चूक, होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

चौतरफा घिरे अस्पताल प्रशासन और सत्ताधारी दल ने इस घटना को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है. आरजी कर अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष और कोलकाता के उपमहापौर अतिन घोष ने स्वीकार किया है कि संभवतः सुरक्षा मानकों में कुछ बड़ी चूक हुई है. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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