छात्रों की घेराबंदी से मुक्त हुए जेयू के वाइस चांसलर

छात्रों द्वारा 24 घंटे से अधिक समय तक घेरे रहने के बाद वाइस चांसलर भास्कर गुप्ता अंततः परिसर से बाहर निकल गये.

कोलकाता. जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को मंगलवार को आखिरकार घेराबंदी से मुक्त कर दिया गया. वह छात्रों के दबाव के आगे झुके नहीं. मंगलवार को परीक्षा नियामक समिति की बैठक के बाद अब तक परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए 42 छात्रों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जायेगी, इसका निर्णय कार्यकारी परिषद (ईसी) पर छोड़ दिया गया है. अंततः शिक्षकों और शिक्षाविदों की मदद से जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और प्रो वाइस चांसलर को प्रदर्शनकारी छात्रों की घेराबंदी से मुक्त कराया गया. छात्रों द्वारा 24 घंटे से अधिक समय तक घेरे रहने के बाद वाइस चांसलर भास्कर गुप्ता अंततः परिसर से बाहर निकल गये. बताया जाता है कि मंगलवार दोपहर को कार्यसमिति की बैठक के दौरान इंजीनियरिंग विभाग के छात्र अनैतिक मांगों के साथ बैठक में आ गये. काफी देर तक चली बहस के बाद छात्रों के एक वर्ग ने घेराव शुरू कर दिया और मांग की कि विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति प्रदान करे और गणित की परीक्षा में पास कराये. ध्यान रहे, सोमवार को इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों के एक समूह पर ग्रेड कार्ड (परीक्षा परिणाम) में छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया. कथित तौर पर, छात्र छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए ”भ्रष्टाचार” का सहारा लेते हैं. जैसे ही यह घटना प्रकाश में आयी, जादवपुर यूनिवर्सिटी के अंतरिम कुलपति भास्कर गुप्ता ने छात्रवृत्ति रोकने का फैसला किया. इसके तुरंत बाद छात्रों का एक वर्ग अपनी मांगों पर चर्चा करने के लिए कुलपति के पास गया. इंजीनियरिंग छात्रों के एक समूह ने अंतरिम कुलपति का घेराव किया और अपनी छात्रवृत्ति के निलंबन के विरोध में प्रदर्शन करना शुरु कर दिया. उनकी मांग है कि छात्रवृत्ति उनको तुरंत प्रदान की जाये. हालांकि यूनिवर्सिटी के अधिकारी छात्रों की मांगों को सुनने में अनिच्छुक थे. इस विषय में जेयू के वाइस चांसलर भास्कर गुप्ता ने कहा कि इन छात्रों ने अनुशासनहीनता की है. वे अपने जीवन के आरंभ से ही भ्रष्टाचार का सहारा लेते रहे हैं. फिर भी उम्मीद है कि उनमें सद्बुद्धि आयेगी. हालांकि परीक्षा नियामक समिति ने कहा था कि वह उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं होने दिया. मंगलवार को परीक्षा नियामक समिति की बैठक के बाद अब तक परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए 42 छात्रों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जायेगी, इसका निर्णय कार्यकारी परिषद (ईसी) पर छोड़ दिया गया है. ईसी की बैठक के बाद फाइनल फैसला लिया जायेगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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