संवाददाता, कोलकाता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि जगन्नाथ धाम ट्रस्ट को मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में पास कर दिया गया. मुख्य सचिव के नेतृत्व में ट्रस्ट में 27 लोग रहेंगे. गुरुवार को ट्रस्ट की बैठक होगी, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर बातचीत होगी. दीघा में जगन्नाथ मंदिर का उद्घाटन 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इसे लेकर वह कोई हाइप करना नहीं चाह रही हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पार्टियां चाय बागान की जमीन को लेकर अफवाह फैला रही हैं.
उन्होंने कहा कि खराब स्थिति में चल रहे छह चाय बागानों को तीन साल के लिए लीज पर दिया जायेगा. इससे चाय बागान कर्मियों को लाभ मिलेगा. यदि ठीक से चलाते हैं तो लीज को बढ़ा कर 30 साल कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि कई चाय बागान है, जहां चाय का उत्पादन नहीं होता है. उसे पट्टा के हिसाब से दिया जायेगा. उन्होंने डीवीसी पर भी निशाना साधा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी नहीं छोड़ने के लिए कहने के बाद भी पानी छोड़ा जा रहा है. आलू की फसल को इससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि जिन किसानों का आलू नष्ट हुआ है, उसे सरकार खरीदेगी. राज्य सरकार ने किसानों के लिए 321 करोड़ रुपये का बीमा फंड बनाया है. आलू किसानों के लिए न्यूनतम सहायक मूल्य प्रति क्विंटल 900 रुपये किया गया है. इससे किसानों को कुछ सुविधा मिलेगी. कुंभ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटनाएं कभी भी हो सकती हैं. लेकिन ऐसे आयोजनों के लिए पहले से प्लानिंग करनी जरूरी है.
विवाह समारोह में आमंत्रित लोगों से ज्यादा के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है. इसलिए किसी बड़े आयोजन को लेकर भी प्लानिंग जरूरी है. उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म का अपमान नहीं किया है, ना ही करेंगे. कुछ लोग गलत आरोप लगा रहे हैं. गंगासागर मेले के दौरान पांच-छह दिन उनकी नींद उड़ी रहती है. इसलिए गंगासागर में वह ब्रिज बनाने जा रही हैं. दो साल में इसके बनने की संभावना है. पूजा कॉर्निवल के समय भी सरकार की हमेशा नजर बनी रहती है.
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