पीड़ित महिलाओं की पीड़ा सुन स्तब्ध हूं : रहाटकर

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर के नेतृत्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुर्शिदाबाद जिले में दंगा प्रभावित लोगों से शनिवार को मुलाकात की.

By AKHILESH KUMAR SINGH | April 20, 2025 1:19 AM

संवाददाता, कोलकाता

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर के नेतृत्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुर्शिदाबाद जिले में दंगा प्रभावित लोगों से शनिवार को मुलाकात की. इस दाैरान विजया रहाटकर ने कहा : इन महिलाओं को जो पीड़ा झेलनी पड़ रही है, उसे देखकर मैं स्तब्ध हूं. हिंसा के दौरान उन्हें जो कुछ सहना पड़ा, वह कल्पना से परे है. एनसीडब्ल्यू प्रमुख विजया रहाटकर ने पीड़िताओं से कहा कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि केंद्र उनके साथ है. पीड़िताओं को इंसाफ जरूर मिलेगा.

उन्होंने मुर्शिदाबाद के बेतबोना कसबे में पीड़िताओं से कहा : हम आपकी स्थिति को देखने आये हैं. कृपया चिंता न करें. देश और आयोग आपके साथ है. ऐसा न सोचें कि आप अकेले हैं. एनसीडब्ल्यू सदस्यों द्वारा गांव का दौरा किये जाने पर दंगा प्रभावित महिलाएं अपनी व्यथा बताते हुए उनके सामने रो पड़ीं. ग्रामीणों को तख्तियां थामे देखा गया जिन पर लिखा था : हमें लक्ष्मी भंडार नहीं चाहिए, हमें बीएसएफ शिविर चाहिए. हमें सुरक्षा चाहिए. एक अन्य तख्ती पर लिखा था : हम पर हमला हो रहा है.

केंद्रीय गृह मंत्री को देंगे रिपोर्ट : अर्चना मजूमदार

एनसीडब्ल्यू सदस्य अर्चना मजूमदार ने संवाददाताओं को बताया कि आयोग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को रिपोर्ट देगा और उन्हें दंगा प्रभावित महिलाओं की वहां बीएसएफ शिविर स्थापित करने की मांग से अवगत करायेगा. एनसीडब्ल्यू टीम के साथ मौजूद भाजपा की विधायक श्रीरूपा मित्रा चौधरी ने कहा : दक्षिण मालदा मेरा निर्वाचन क्षेत्र है. मैं पिछले 12 वर्ष से यहां से चुनाव लड़ रही हूं और इस बार मैंने जो देखा है, वह अप्रत्याशित है. मैंने पिछले 12 वर्ष में यहां इस पैमाने पर हिंसा कभी नहीं देखी. एनसीडब्ल्यू टीम ने मुर्शिदाबाद जिले के धुलियान क्षेत्र का भी दौरा किया, जहां 11 और 12 अप्रैल को वक्फ अधिनियम में संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी.

एनसीडब्ल्यू टीम ने शुक्रवार को मालदा जिले में एक राहत शिविर का भी दौरा किया और मुर्शिदाबाद दंगों के कारण विस्थापित लोगों से मुलाकात की. वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ 11 और 12 अप्रैल को मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज, सूटी, धुलियान और जंगीपुर सहित अन्य इलाकों में हिंसा भड़क उठी थी. इस हिंसा में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी थी और कई अन्य घायल हुए थे. आयोग ने इस हिंसा का स्वत: संज्ञान लिया है.

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