हावड़ा के आंदुल में ‘डेथ ट्रैप’ बनी रिहायशी इमारत, गोद में उठाकर बुजुर्गों को निकाला गया बाहर

Howrah Fire: हावड़ा के आंदुल में एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई, जिससे 10-12 परिवार फंस गए. अग्निशमन दल ने त्वरित कार्रवाई कर बुजुर्गों और अशक्त लोगों को सुरक्षित निकाला. इस घटना ने इमारतों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Howrah Fire: हावड़ा के आंदुल इलाके में एक आवासीय परिसर (Housing Complex) में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब एक बहुमंजिली इमारत में अचानक आग लग गयी. आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत के भीतर मौजूद 10 से 12 परिवारों के लोग उसमें फंस गये. घटना के वक्त घरों में मुख्य रूप से बुजुर्ग और महिलाएं ही इमारत में थीं. दमकलकर्मियों और स्थानीय पुलिस ने फंसे हुए बुजुर्गों व अशक्त लोगों को पांजाकोला (गोद में उठाकर) कर बाहर निकाला.

इमारतों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद रिहायशी सोसाइटियों में अग्निशमन सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) पर सवाल उठने लगे हैं. इस इमारत में बाहर निकलने के लिए केवल एक ही संकरी सीढ़ी थी. आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए कोई भी ‘इमरजेंसी गेट’ या आपातकालीन रास्ता नहीं बनाया गया था. प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस आवासीय परिसर में आग बुझाने के लिए कोई फायर फाइटिंग सिस्टम मौजूद नहीं था.

दमकल की 5 गाड़ियों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

दमकल की 5 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया. दमकलकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर इमारत के अंदर दाखिल हुए और धुआं से दम घुटने के बीच फंसे हुए करीब 8-10 लोगों को गोद में उठाकर सुरक्षित बाहर निकाला.

हादसे में घायल लोग अस्पताल में भर्ती

हादसे में कुछ लोग मामूली रूप से झुलस गये हैं. उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस अब आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रही है. बिना फायर एनओसी (NOC) के चल रही ऐसी इमारतों की जवाबदेही तय करने में भी एजेंसियां जुट गयीं हैं.


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By मिथिलेश झा

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