बंगाल में इन स्कूलों के शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, मिलेगा सरकारी कर्मचारी का दर्जा

Schools in Bengal: बंगाल के सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों का वेतन राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है या उसका अधिकांश भाग राज्य सरकार वहन करती है और उन्हें वेतन तथा सेवा संबंधी लाभ राज्य के मानकों के अनुरूप प्राप्त होते हैं, फिर भी अब तक उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला हुआ है.

कोलकाता से अखिलेश कुमार सिंह की रिपोर्ट

Schools in Bengal: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य सरकार के सहायता प्राप्त और सरकार-प्रायोजित स्कूलों में कार्यरत सभी शिक्षकों को राज्य सरकार के कर्मचारी का दर्जा देने पर विचार कर रही है. अलीपुर स्थित नेशनल लाइब्रेरी में भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि यह प्रस्ताव शिक्षा क्षेत्र और शिक्षकों के कल्याण के लिए पार्टी के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है.

सरकार दर्जा देने पर कर रही विचार

उन्होंने कहा- मैं केवल भाजपा के एक पार्टी प्रतिनिधि के रूप में ही बात कर सकता हूं, हालांकि मैं आपको बता सकता हूं कि राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री ने इस पर पहले ही चर्चा शुरू कर दी है. हम पश्चिम बंगाल के सभी स्कूल शिक्षकों को राज्य सरकार के कर्मचारी का दर्जा देने पर विचार कर रहे हैं, जिन अन्य राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, वहां यही व्यवस्था है.

शिक्षकों को मिलेगा विशेष वित्तीय लाभ

उन्होंने कहा कि यदि इसे लागू किया जाता है, तो इससे आपको शिक्षकों के रूप में कोई विशेष वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन इससे आपकी नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित हो जायेगी. उन्होंने शिक्षकों से यह भी आग्रह किया कि वे राजनीति में शामिल होने से पहले अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दें. शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि युवा मनों का निर्माण करने में शिक्षकों की बहुत बड़ी भूमिका होती है और उसे हमेशा सबसे पहले आना चाहिए.

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सेवा नियमों के अधीन करते हैं कार्य

वर्तमान में पश्चिम बंगाल के राज्य संचालित सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को राज्य सरकार के कर्मचारी के रूप में मान्यता प्राप्त है. हालांकि, राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षक सरकारी सहायता प्राप्त और सरकार-प्रायोजित स्कूलों में कार्यरत हैं. उन्हें सरकारी कर्मचारी के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाता तथा वे अपने-अपने स्कूल प्रबंधन के अंतर्गत अलग सेवा नियमों के अधीन कार्य करते हैं.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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