हां में हां ना मिलाएं, बंगाल के विकास के लिए दें सुझाव, पहले ही दिन एक्शन मोड में दिखे सीएम शुभेंदु

Suvendu Adhikari: मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही नव निर्वाचित सीएम शुभेंदु अधिकारी एक्शन मोड में दिख रहे हैं. शुभेंदु अधिकारी पहले दिन ही बैक-टू-बैक कई महत्वपूर्ण बैठक की.

Suvendu Adhikari: कोलकाता. मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने “डू इट नाउ” का नारा दिया था, जिसकी उस समय खूब चर्चा हुई थी. हालांकि, उस नारे का कितना असर प्रशासनिक कामकाज पर पड़ा, इसे लेकर हमेशा बहस होती रही. अब राज्य के नये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली ही प्रशासनिक बैठक में साफ संकेत दे दिया है कि उनकी प्राथमिकता केवल काम और जनता की सेवा होगी, न कि दिखावा या चाटुकारिता.

पार्टी नहीं जनता के लिए काम करें

अधिकारियों के साथ अपनी पहली ही बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा- मुझे खुश करने के लिए फाइलों में बार-बार मुख्यमंत्री की अनुप्रेरणा लिखने की जरूरत नहीं है. अनुप्रेरणा छोड़िए और काम कीजिए. अब तक सरकार पार्टी के लिए चलती थी, अब सरकार जनता के लिए चलेगी. केवल हां में हां मिलाने की संस्कृति बंद होनी चाहिए. राज्य के हित में साफ और ईमानदार राय रखिए. मुख्यमंत्री ने सत्ता संभालने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर यह बड़ा और साफ संदेश दिया.

निर्भय होकर काम करें

सीएम ने सचिवों और प्रशासनिक अधिकारियों से निर्भय होकर काम करने को कहा और भरोसा दिलाया कि सरकार ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों के साथ खड़ी रहेगी. नबान्न सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बैठक में कहा कि अब से सरकारी परियोजनाओं, होर्डिंग्स या शिलापट्टों पर “मुख्यमंत्री की अनुप्रेरणा से” जैसे शब्द लिखने की कोई आवश्यकता नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि सरकारी काम जनता के लिए होता है, किसी व्यक्ति विशेष की छवि बनाने के लिए नहीं. मुख्यमंत्री के इस बयान को प्रशासनिक संस्कृति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

सरकारी धन का दुरुपयोग ना करें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि सरकारी धन का उपयोग बेहद जिम्मेदारी के साथ किया जाये. जहां विकास कार्यों की वास्तविक आवश्यकता है वहीं खर्च किया जाये, लेकिन अनावश्यक खर्च पर रोक लगनी चाहिए. सीएम यह भी निर्देश दिया कि केंद्र सरकार की जिन योजनाओं को पूर्ववर्ती सरकार के समय पूरी तरह लागू नहीं किया गया था, उन्हें अब प्राथमिकता के आधार पर राज्य में लागू किया जाये. ताकि, आम लोगों को सीधा लाभ मिल सके.

राजनीतिक दबाव में न आये

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बैठक में यह भी कहा कि पिछली सरकार पर प्रशासन को राजनीतिक रूप से प्रभावित करने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन उनकी सरकार प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से चलाना चाहती है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे किसी राजनीतिक दबाव में आये बिना नियमों के अनुसार काम करें. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि सही तरीके से काम करनेवालों को डरने की जरूरत नहीं है और सरकार उनके साथ रहेगी.

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खत्म हो व्यक्तित्व को प्रमुखता देने की परंपरा

राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री के इस रुख को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. खासकर मुख्यमंत्री की प्रेरणा जैसे शब्दों को सरकारी प्रचार से हटाने के निर्देश को नई सरकार की अलग कार्यशैली के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. लंबे समय से राज्य में सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रचार में राजनीतिक व्यक्तित्व को प्रमुखता देने की परंपरा रही है, ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है. नयी सरकार के गठन के बाद यह पहली बड़ी प्रशासनिक बैठक मानी जा रही है.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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