दीघा के प्रवेश द्वार से भी हटेगा ‘विश्व बांग्ला’ का लोगो, टेंडर प्रक्रिया शुरू, बुलायी जा रही विशेष तकनीकी एजेंसी

‍Biswa Bangla Logo: पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के बाद सरकारी प्रतीकों को हटाने का काम तेज हो गया है. दीघा के मुख्य प्रवेश द्वार से विशाल ‘विश्व बांग्ला’ लोगो को हटाया जायेगा. जिला प्रशासन ने टेंडर जारी कर दिया है.

हल्दिया से रंजन कुमार माईती की रिपोर्ट

‍Biswa Bangla Logo: पश्चिम बंगाल में हुए ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन के बाद सरकारी संपत्तियों और सार्वजनिक स्थलों से पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के प्रतीकों को हटाने का अभियान तेज हो गया है. दीघा सी-बीच रोड से हटाये जाने के बाद अब पूर्व मेदिनीपुर जिला प्रशासन ने दीघा के मुख्य प्रवेश द्वार के शीर्ष पर लगे विशाल विश्व बांग्ला (Biswa Bangla) लोगो को भी पूरी तरह हटाने की तैयारी शुरू कर दी है. चूंकि यह गेट काफी ऊंचाई पर है, इसलिए इसे हटाने के लिए सरकारी निविदा जारी की गयी है.

7 जुलाई को बंद होगी निविदा, 9 जुलाई को खुलेगा टेंडर

कांथी के महकमा शासक (SDO) धूमल प्रतीक अशोक ने इस प्रशासनिक फैसले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि दीघा गेट के शीर्ष से विश्व बांग्ला का लोगो हटाने की प्रक्रिया नियमानुसार शुरू कर दी गयी है. 7 जुलाई तक टेंडर जमा होंगे. 9 जुलाई को टेंडर बॉक्स खोला जायेगा और सबसे योग्य एजेंसी को काम सौंपा जायेगा. वर्क ऑर्डर मिलने के बाद चयनित एजेंसी अपनी सुरक्षा तैयारियों के साथ जुलाई के मध्य तक इस विशाल लोगो को गेट से उतारने का काम शुरू कर देगी.

नेशनल हाईवे 116-B पर सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट की चुनौती

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यह भव्य प्रवेश द्वार नंदकुमार-दीघा 116-बी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 116-B) पर ओल्ड दीघा के समीप है. चूंकि यह एक बेहद व्यस्त नेशनल हाई-वे है और 24 घंटे भारी वाहनों व पर्यटकों की गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है, इसलिए लोगो हटाने के दौरान सुरक्षा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा होगी.

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‍Biswa Bangla Logo: क्रेन और भारी मशीनों की ली जायेगी मदद

प्रशासन ने कहा है कि जब क्रेन और भारी मशीनों की मदद से इस विशालकाय लोगो को काटा या उतारा जायेगा, तब राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन और सख्त सुरक्षा घेरा तैयार किया जायेगा, ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो. साथ ही किसी भी प्रकार की अप्रिय दुर्घटना से भी बचा जा सके.

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बदली जा रही सरकारी इमारतों की सूरत

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद से ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर राज्य की सभी सरकारी इमारतों, स्कूल-कॉलेजों, बस टर्मिनस, पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों से पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के पसंदीदा नीले-सफेद रंग और ‘विश्व बांग्ला’ के लोगो को चरणबद्ध तरीके से हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है.

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By Mithilesh Jha

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