राज्य में संवैधानिक तंत्र ध्वस्त : शमिक

प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने शनिवार को दावा किया कि राज्य में संवैधानिक तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कोई कार्यशील सरकार नहीं है और राज्य के लोग तृणमूल कांग्रेस के शासन से ‘आजादी’ चाहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां कानून और व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गयी है.

कोलकाता.

प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने शनिवार को दावा किया कि राज्य में संवैधानिक तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कोई कार्यशील सरकार नहीं है और राज्य के लोग तृणमूल कांग्रेस के शासन से ””आजादी”” चाहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां कानून और व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गयी है. अराजकता का बोलबाला है और इससे संवैधानिक तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है. उल्लेखनीय है कि शनिवार को अलीपुर स्थित नेशनल लाइब्रेरी में अधिवक्ताओं ने प्रदेश भाजपा के नव निर्वाचित अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य का अभिनंदन किया.

राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने तृणमूल सरकार पर तीखा हमला बोला. बिहार के गैंगस्टर चंदन मिश्रा हत्याकांड में शामिल कुछ आरोपियों की न्यूटाउन इलाके से गिरफ्तारी के बाद उन्होंने कहा : अब हर अपराधी और आतंकी को लगता है कि यह सरकार उनकी अपनी है.

आइएसआइएस तत्वों के लिए भी पनाहगाह बन गया है बंगाल : पटना में एक गैंगस्टर की हत्या से जुड़े कुछ कथित अपराधियों की गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर श्री भट्टाचार्य ने यहां संवाददाताओं से कहा : ऐसा नहीं है कि पश्चिम बंगाल में केवल असामाजिक तत्व ही शरण ले रहे हैं, बल्कि यह राज्य आइएसआइएस तत्वों के लिए भी पनाहगाह बन गया है.

पूरी तरह से राजनीतिक हो गया है राज्य प्रशासन

इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में जितने भी असामाजिक तत्व, अपराधी और आतंकवादी हैं, उन्हें लगता है कि यह उनकी सरकार है. बंगाल में अब कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है. प्रशासन पूरी तरह राजनीतिक हो गया है और उसकी रीढ़ टूट चुकी है. यही वजह है कि राज्य में आये दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं.

शमिक ने घुसपैठ को लेकर भी जतायी चिंता

शमिक भट्टाचार्य ने बांग्लादेशी घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को लेकर भी चिंता जतायी. उन्होंने कहा : आज बांग्लादेशी घुसपैठिये पश्चिम बंगाल में गुमनाम होकर रह रहे हैं. आइएसआइएस के एजेंट भी यहीं से पकड़े जा रहे हैं. राज्य में सरकार, मंत्री, नेता, आतंकी और घुसपैठिये-सब एक हो चुके हैं. यह राज्य अब फुटबॉल का मैदान बन चुका है. लोग इस हालत से बाहर निकलना चाहते हैं.

बंगाल को बचाना है, तो तृणमूल सरकार का पतन जरूरी

इसके अलावा बालुरघाट के एक सरकारी अस्पताल में कथित रूप से गलत इंजेक्शन देने के कारण आठ गर्भवती महिलाओं के बीमार होने की घटना पर भी उन्होंने तृणमूल सरकार को घेरा. शमिक ने कहा : जब तक तृणमूल सरकार है, राज्य में इस तरह की अराजकता बनी रहेगी. अंत में उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल को बचाना है, कानून-व्यवस्था को बहाल करना है और शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारना है, तो तृणमूल सरकार का पतन जरूरी है.

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Published by: Bijay kumar

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