बच्चों को भी मिलनी चाहिए बोलने की आजादी : डॉ पांजा

राज्य की महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री डॉ शशि पांजा ने सोमवार को बाल संरक्षण दिवस के अवसर पर बच्चों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जोर दिया.

बाल संरक्षण दिवस पर रवींद्र सदन में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन

संवाददादा, कोलकाता

राज्य की महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री डॉ शशि पांजा ने सोमवार को बाल संरक्षण दिवस के अवसर पर बच्चों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों को भी बोलने की आजादी मिलनी चाहिए. रवींद्र सदन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बोलते हुए डॉ पांजा ने कहा : जितना वे बोलेंगे, उतना ही अधिक सीखेंगे और अपनी गलतियों से सुधार कर आगे बढ़ेंगे. साथ ही, हम बड़े भी उनकी बातों से बहुत कुछ सीख सकते हैं.

यह विशेष कार्यक्रम पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें राज्यभर से 400 से अधिक छात्र, शिक्षक, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए. इस अवसर पर मंत्री पांजा ने बच्चों में रचनात्मकता के विकास को बेहद आवश्यक बताते हुए कहा कि बच्चों को अपने विचारों को चित्रकला, रंगमंच, लेखन, पत्रकारिता या किसी अन्य माध्यम से व्यक्त करने की पूरी आजादी होनी चाहिए. यही उनकी आत्म-विश्वास की नींव बनती है.

आयोग की चेयरपर्सन तुलिका दास ने इस मौके पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य में केवल दो प्रतिशत बच्चे ही अपने माता-पिता से अपने सुख-दुख साझा करते हैं. उन्होंने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों के बीच संवाद की कमी और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की लत उनके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है. उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज से बच्चों की भावनाओं को समझने और उनकी मानसिक स्थिति पर ध्यान देने का आग्रह किया. विभाग की प्रधान सचिव संघमित्रा घोष ने भी इस कार्यक्रम को विशेष अतिथि के रूप में संबोधित किया.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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