कार्रवाई नहीं होने पर हाइकोर्ट में होगी जनहित याचिका दायर हावड़ा. शिवपुर स्थित शालीमार हिंदी हाइस्कूल पर अनियमितता का मामला सामने आया है. इसकी लिखित शिकायत डीएम डॉ पी दीपाप प्रिया और डीआइ विमल कृष्णा गायेन से की गयी है. शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता और पेशे से वकील अमन श्रीवास्तव ने की है. उन्होंने बताया कि स्कूल में ऑडिट लंबे समय से लंबित पड़ा है. स्कूल के बहीखाता का हिसाब नहीं है. पूरा हिसाब- किताब ही गोल है. मिड डे मिल में बच्चों को परोसे जाने वाला खाना निम्न स्तर का है. मिड डे मिल के लिए की गयी खरीदारी का भी कोई लेखा-जोखा नहीं है. स्कूल में अभी तक जान-बूझकर बायोमेट्रिक मशीन नहीं लगायी है. सरकार द्वारा तय फीस 240 रुपये के बाद भी कक्षा नौंवी और दसवीं के बच्चों से 900 रुपये लिये गये हैं. अमन श्रीवास्तव ने बताया कि इस स्कूल में लाखों रुपये का गबन हुआ है और इसके लिए पूर्ण रूप से स्कूल के हेडमास्टर अबू इरफान जिम्मेवार हैं. उन्होंने बताया कि आर्थिक गबन के अलावा लापरवाही का भी मामला है. वर्ष 2020-21 में ‘सबूज साथी’ योजना के तहत बच्चों को साइकिल नहीं मिली. स्कूल की ओर से शिक्षा विभाग को साइकिल के लिए अर्जी ही नहीं भेजी गयी. यही कारण है कि बच्चे इस योजना का लाभ पाने से वंचित रह गये. अमन ने बताया कि अगर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई तो, वह हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे.
शालीमार हिंदी हाइस्कूल में अनियमितता का मामला आया सामने, शिकायत दर्ज
शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता और पेशे से वकील अमन श्रीवास्तव ने की है.
